स्कूलों में पोषण सुरक्षा पर सवालिया निशान

जिले के 64 स्कूलों में नहीं है अलग किचन शेड

* पुराने और जर्जर कमरों में बन रहा बच्चों का भोजन
अमरावती /दि.2 जिले के प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले शाला पोषण आहार की स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. जिले में कुल 1,571 स्कूल हैं, लेकिन इनमें से 64 स्कूलों में अलग किचन शेड की सुविधा उपलब्ध नहीं है. ऐसे में कई स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए भोजन पुराने और जर्जर कमरों में या खुले स्थानों पर तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है.

* अनाज रखने की भी उचित व्यवस्था नहीं
मेलघाट समेत जिले के विभिन्न तहसीलों के इन 64 स्कूलों में पोषण आहार का अनाज सुरक्षित रखने के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. किचन शेड के अभाव में भोजन तैयार करने के दौरान स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े सवाल उठ रहे हैं. नियमों के अनुसार प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को चावल के साथ पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जाता है. बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर प्रशासन पर विशेष जिम्मेदारी है.

* 64 स्कूलों के लिए नया किचन शेड प्रस्तावित
समस्या के समाधान के लिए प्रशासन की ओर से सरकार को नए किचन शेड के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है. अभिभावकों और ग्रामीणों की मांग है कि शिक्षा विभाग के साथ खाद्य एवं औषधि प्रशासन भी इस मामले में गंभीरता से कदम उठाए और स्कूलों में भोजन तैयार करने की व्यवस्था की जांच करे.

* किन तहसीलों में कितने स्कूल प्रभावित?
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार किचन शेड से वंचित स्कूल विभिन्न तहसीलों में हैं. इनमें चांदूर बाजार के 9, अचलपुर के 7 और अमरावती के 6 स्कूल शामिल हैं. इसके अलावा अंजनगांव सुर्जी, भातकुली, दर्यापुर, धामनगांव रेलवे, नांदगांव खंडेश्वर, तिवसा और वरुड सहित अन्य तालुकों के स्कूल भी इस सूची में हैं.

* मेलघाट में सबसे ज्यादा समस्या
जिला परिषद के 333 स्कूलों में से 24 स्कूलों में अब भी अलग किचन शेड नहीं है. इन स्कूलों में कई बार परिसर की खुली जगह में भोजन तैयार कर विद्यार्थियों को परोसा जाता है. बारिश और अन्य मौसम में यह व्यवस्था बच्चों के पोषण आहार की स्वच्छता और सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती है.

* भोजन की गुणवत्ता जांचने पर जोर
एफडीए आयुक्त के रूप में तुकाराम मुंढे के कार्यभार संभालने के बाद स्कूलों में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा की जांच पर जोर दिया जा रहा है. ऐसे में किचन शेड से वंचित स्कूलों की स्थिति भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है. बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को देखते हुए सभी स्कूलों में सुरक्षित, स्वच्छ और स्वतंत्र रसोई की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग जोर पकड़ रही है.

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