रात में पैरों में सूजन को नजरअंदाज न करें

पानी की कमी से लेकर दवाओं के साइड इफेक्ट तक हो सकते हैं कई कारण

* बार-बार समस्या होने पर डॉक्टर से लें सलाह
अमरावती/दि.20 – रात में सोते समय अचानक पैर में तेज दर्द होना, मांसपेशियों का कुछ देर के लिए अकड़ जाना और नींद का टूटना-पैरों में ऐंठन (सूजन) की समस्या खासकर बुजुर्गों में आम है. कई बार यह समस्या अस्थायी होती है और अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन बार-बार होने वाली ऐंठन किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकती है.
* रात में पैरों में ऐंठन क्या है?
सोते समय या नींद के आसपास पैरों की मांसपेशियों का अचानक और दर्दनाक तरीके से सिकुड़ जाना पैरों में ऐंठन कहलाता है. इसमें कुछ समय के लिए मांसपेशियां कड़ी हो जाती हैं और तेज दर्द महसूस हो सकता है.
* क्या हैं इसके प्रमुख कारण?
पैरों में ऐंठन के कई कारण हो सकते हैं. इनमें शरीर में पानी की कमी, मांसपेशियों का अधिक इस्तेमाल या थकान, लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहना, शारीरिक गतिविधि की कमी और उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों की ताकत कम होना प्रमुख हैं.
* किन लोगों को अधिक खतरा?
बुजुर्गों के अलावा बीमार व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं, नियमित व्यायाम नहीं करने वाले या अत्यधिक शारीरिक मेहनत करने वाले लोगों में यह समस्या अधिक हो सकती है. शरीर में पानी की कमी और कुछ पुरानी बीमारियां भी इसका कारण बन सकती हैं.
* कुछ दवाओं से भी हो सकती है ऐंठन
कुछ दवाएं भी पैरों में ऐंठन की समस्या बढ़ा सकती हैं. विशेष रूप से पेशाब की मात्रा बढ़ाने वाली कुछ ब्लड प्रेशर की दवाएं और कुछ कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाओं से ऐसी समस्या हो सकती है. हालांकि, डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा बंद नहीं करनी चाहिए. किसी दवा के सेवन के बाद लगातार ऐंठन शुरू हो तो डॉक्टर को इसकी जानकारी दें.
* सूजन होने पर क्या करें?
सूजन होने पर पैर को सीधा कर पैर के अंगूठे को अपनी ओर खींचने, हल्के-हल्के चलने या प्रभावित मांसपेशी की हल्की मालिश करने से राहत मिल सकती है.
* कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर पैरों में सूजन बार-बार हो रही है, नींद में लगातार खलल पड़ रहा है या ऐंठन 10 मिनट से अधिक समय तक बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है. इसके साथ पैरों में सूजन, सुन्नपन या मांसपेशियों में कमजोरी महसूस हो तो भी चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए.
* सोने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग फायदेमंद
सोने से पहले पैरों और संबंधित मांसपेशियों की हल्की स्ट्रेचिंग कुछ लोगों में रात के समय होने वाली ऐंठन को कम करने में मदद कर सकती है. स्ट्रेचिंग के दौरान यदि दर्द बढ़े तो व्यायाम तुरंत रोक देना चाहिए.

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