त्यौहारों से पहले शक्कर की बनावटी कमी रोकने एफडीओ एक्शन मोड में
डी-मार्ट समेत कई गोदामों पर छापेमारी

* पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और हर शुक्रवार स्टॉक अपडेट करना अनिवार्य
अमरावती/दि.29– त्यौहारों के मौसम में शक्कर की जमाखोरी के जरिए बाजार में बनावटी कमी पैदा करने की आशंका को देखते हुए खाद्य विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है. खाद्य वितरण अधिकारी प्रवीण राउत के नेतृत्व में शहर के डी-मार्ट समेत शक्कर व्यापारियों, डिस्ट्रीब्यूटरों और बड़े उपभोक्ताओं के गोदामों की जांच की गई.
केंद्र सरकार ने 28 जुलाई के नोटिफिकेशन के तहत शक्कर के भंडारण को लेकर प्रतिबंध लागू किए हैं. यह व्यवस्था 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी. इसके अनुसार सरकारी एजेंसियों और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को छोड़कर चीनी विक्रेता और डिस्ट्रीब्यूटर शक्कर प्राप्त होने की तारीख से 30 दिनों से अधिक समय तक स्टॉक नहीं रख सकेंगे. साथ ही किसी भी समय किसी भी स्थान पर 4 हजार क्विंटल से अधिक शक्कर का भंडारण नहीं किया जा सकेगा. वहीं, उत्पादन, खपत या कच्चे माल के रूप में हर महीने 10 टन से अधिक शक्कर का इस्तेमाल करने वाले बड़े उपभोक्ताओं को अधिकतम 15 दिनों का स्टॉक रखने की अनुमति होगी.
* इन प्रतिष्ठानों की हुई जांच
अभियान के तहत डी-मार्ट (बियानी चौक), भोजवानी ट्रेडर्स, गंगाबाग ट्रेडर्स, शिवसहाय खंडेलवाल ट्रेडर्स और खंडेलवाल ट्रेडर्स में उपलब्ध चीनी के स्टॉक का सत्यापन किया गया. खाद्य विभाग ने सभी संबंधित व्यापारियों को फूड मॉनिटरिंग स्टॉक पोर्टल पर तत्काल रजिस्ट्रेशन कराने और प्रत्येक शुक्रवार को अपने स्टॉक की जानकारी ऑनलाइन अपडेट करने के निर्देश दिए.
* गलत जानकारी देने पर होगी कार्रवाई
खाद्य वितरण अधिकारी प्रवीण राउत ने स्पष्ट किया कि त्यौहारों के दौरान शक्कर की बनावटी कमी पैदा करना, जमाखोरी करना, मुनाफाखोरी करना, पोर्टल पर गलत जानकारी देना या रजिस्ट्रेशन नहीं कराना गंभीर अनियमितता मानी जाएगी. नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों और संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी. प्रवीण राउत, खाद्य वितरण अधिकारी ने कहा कि शक्कर की जमाखोरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पोर्टल पर गलत, अधूरी या भ्रामक जानकारी देने वालों पर भी कार्रवाई होगी.





