डफरीन में रिक्त है 84 पद

बेड्स की संख्या दोगुनी होने पर भी पदभर्ती नहीं

अमरावती/दि.29– जिला स्त्री अस्पताल (डफरीन) की नई इमारत के नवजात शिशु अतिदक्षता विभाग में आग लगने के कारण 3 नवजात शिशुओं की मृत्यु के बाद इस अस्पताल में रिक्त पदों का प्रश्न गंभीर बन गया है.े वैद्यकीय अधीक्षक सहित विविध संवर्ग के लगभग 84 पद रिक्त है तथा अस्पताल का कामकाज बडे प्रमाण पर अपर्याप्त मनुष्यबल के आधार पर ही शुरू होने की जानकारी सामने आयी है. जिला स्त्री अस्पताल की मूल क्षमता पहले 200 बेड्स की थी. अब नई इमारत बनने के बाद अस्पताल का विस्तार होने से बेड्स की क्षमता 400 तक बढा दी गई है. किंतु बेडस की संख्या दो गुना होने पर भी उसके अनुरूप आवश्यक अतिरिक्त पद निर्मिति अथवा पदभर्ती नहीं की गई है. फलस्वरूप उपलब्ध वैद्यकीय अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मचारियों पर काम का प्रचंड बोड पड रहा है तथा मरीज सेवा पर भी इसका परिणाम हो रहा है. श्रेणी के 1 के मंजूर 15 पदों में से केवल 5 पद भरे हैं तथा 10 पद रिक्त है. इनमें प्रमुख रूप से स्त्रीरोग विशेषज्ञ और मानसोपचार विशेषज्ञ जैसे अति महत्वपूणर्र् विशेषज्ञ डॉक्टरों का समावेश है.. श्रेणी 2 के प्रशासकीय स्वरूप के 13 पद रिक्त है. श्रेणी 3 के स्वास्थ्य कर्मचारियों के 25 पद रिक्त है. वहीं श्रेणी 4 के कर्मचारियों के 23 पद रिक्त है.
इसी दौरान जिला स्त्री अस्पताल सहित राज्य के सभी शासकीय अस्पतालों के लिए 700 से 800 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती शीघ्र ही किए जाने की जानकारी स्वास्थ्य राज्यमंत्री प्रकाश आबिटकर ने पत्रकार परिषद में दी. इन प्रस्तावित पदभर्ती में से अमरावती जिले को प्रत्यक्ष में कितने डॉक्टर मिलेंगे और डफरीन अस्पताल के रिक्त पदों का प्रश्न कब हल होगा, इस संबंध में अभी भी अनिश्चिता कायम है. स्वच्छता और सुरक्षा जैसी मूलभूत सेवाओं के लिए पर्याप्त मनुष्यबल नहीं होने के कारण फिलहाल कार्यरत कर्मचारियों को ही अतिरिक्त जिम्मेदारियां संभालनी पड रही है. जिसके कारण कामकाज पर विपरित परिणाम हो रहा है तथा मरीज सेवा की गुणवत्ता भी बाधित हो रही है.
* शासन निर्णय के बाद भी प्रक्रिया प्रलंबित
जिला स्त्री अस्पताल में पदभर्ती के संदर्भ में शासन द्बारा 13 फरवरी 2025 को शासन निर्णय जारी किया गया था. इन नियमित 43 ओर बाह्य यंत्रणा द्बारा ठेका तत्व पर 122, इस प्रकार कुल 165 पद मंजूर किए गए. अस्पताल में पहले के 212 और नए सिरे से मंजूर किए गये 43, इस प्रकार नियमित 255 पदों की रचना निश्चित की गई. इन 255 पदों में से 177 पदों पर फिलहाल कर्मचारी कार्यरत है. इस संदर्भ में विधायक सुलभा खोडके ने अनुगमन किया था. अस्पताल का दैंनदिन कामकाज नियमित चलाने के लिए अत्यावश्यक रहने वाली नर्सिंग, सफाई कर्मचारी और सुरक्षारक्षक, इस प्रकार 122 पद बाहय यंत्रणा द्बारा भरा जाना अपेक्षित था. किंतु शासन निर्णय के बाद भी यह प्रक्रिया प्रलंबित पडी है.

 

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