मेलघाट में मेडिकल कॉलेज की मांग फिर तेज

अमरावती अग्निकांड ने उजागर की स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर तस्वीर

अमरावती/दि.29- अमरावती जिला महिला सामान्य अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड में अपने नवजात बच्चे को खोने वाली मां किरण बेठेकर से सांत्वना भेंट के दौरान मेलघाट की स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर स्थिति सामने आई. इस दर्दनाक घटना के बाद मेलघाट में ही सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और क्षेत्र के मध्यवर्ती स्थान पर मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है.
किरण बेठेकर ने अग्निकांड की भयावह घटना को याद करते हुए अपनी आपबीती सुनाई. नौ महीने तक गर्भ में पाले बच्चे को जन्म के बाद खोने का दर्द बताते हुए वह भावुक हो गईं. उन्होंने कहा, अगर समय पर मेरे बच्चे का इलाज यहीं हो जाता, तो शायद मेरा बच्चा बच जाता. मां की यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे.
* अचलपुर से अमरावती रेफर किया गया था नवजात
जानकारी के मुताबिक गांव की गर्भवती महिलाओं की नियमित देखभाल करने वाली आशा कार्यकर्ता लक्ष्मीबाई और मनीषाबाई लगातार किरण बेठेकर तथा गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य पर नजर रख रही थीं. उनकी देखरेख में गर्भावस्था के दौरान बच्चे का विकास सामान्य रहा और पूर्ण वजन के स्वस्थ बच्चे का जन्म हुआ. जन्म के बाद नवजात को ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ी. स्थानीय स्तर पर ऑक्सीजन और आवश्यक उपचार की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे उपजिला अस्पताल अचलपुर से अमरावती जिला महिला सामान्य अस्पताल रेफर किया गया. लेकिन अमरावती अस्पताल में बाद में हुए भीषण अग्निकांड में इस नवजात की जान चली गई.
* गंभीर मरीजों को रेफर करने की मजबूरी पर सवाल
इस घटना ने मेलघाट में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और गंभीर मरीजों को दूर के अस्पतालों में रेफर करने की मजबूरी पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मेलघाट क्षेत्र में ही अत्याधुनिक उपचार, विशेषज्ञ डॉक्टर, ऑक्सीजन, नवजात शिशु देखभाल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों, तो मरीजों को अमरावती जैसे दूरस्थ केंद्रों तक ले जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो सकती है.
* मध्यवर्ती स्थान पर मेडिकल कॉलेज की मांग
मेलघाट के नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और बड़ी आबादी को देखते हुए यहां मेडिकल कॉलेज के साथ अत्याधुनिक अस्पताल की स्थापना जरूरी है. इससे आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को समय पर उपचार मिल सकेगा और गंभीर मरीजों को लंबी दूरी तय करने से राहत मिलेगी. अमरावती अस्पताल की दर्दनाक घटना में नवजात को खोने वाली मां का दर्द अब मेलघाट की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को नई आवाज दे रहा है. स्थानीय नागरिकों ने सरकार से मेलघाट में ही पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा मेडिकल कॉलेज की मांग पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा जताई है.

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