आधार अपडेट नहीं कराया तो बच्चों के रिकॉर्ड पर पड़ सकता है असर
5 और 15 साल की उम्र में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट जरूरी

* स्कूल, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं में आ सकती है परेशानी
अमरावती/दि.29 – बच्चों के आधार कार्ड को लेकर अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है. बच्चे के जन्म के बाद आधार जारी होने के बावजूद उम्र बढ़ने के साथ उसमें बायोमेट्रिक जानकारी अपडेट कराना जरूरी होता है. निर्धारित समय पर अपडेट नहीं कराने पर आधार से जुड़े विभिन्न रिकॉर्ड और सेवाओं में परेशानी आ सकती है.
* 5 और 15 साल की उम्र में चइण जरूरी
बच्चों के लिए मैंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट 5 और 15 वर्ष की उम्र में कराया जाता है. कम उम्र में बच्चों के फिंगरप्रिंट और आंखों की आइरिस पूरी तरह विकसित नहीं होती. इसलिए उम्र बढ़ने के साथ बायोमेट्रिक जानकारी को अपडेट करना आवश्यक होता है. चइण के दौरान बच्चे के दोनों हाथों के 10 फिंगरप्रिंट, दोनों आंखों की आइरिस स्कैनिंग और फोटो अपडेट की जाती है.
* बाल आधार का भी है महत्व
जन्म के बाद जारी किया जाने वाला ‘बाल आधार’ बच्चे की पहचान के लिए महत्वपूर्ण है. स्कूल में प्रवेश, बैंक खाता, सरकारी योजनाओं और विभिन्न सेवाओं का लाभ लेने में आधार की आवश्यकता पड़ सकती है.
* स्कूल और छात्रवृत्ति में आ सकती है परेशानी
आधार से जुड़ी जानकारी अपडेट नहीं होने या आधार की स्थिति में समस्या आने पर स्कूल रिकॉर्ड के सत्यापन, ऑनलाइन वेरिफिकेशन, सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति और डीबीटी के माध्यम से मिलने वाली सहायता में दिक्कत हो सकती है. इसी तरह प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में भी आधार सत्यापन की आवश्यकता पड़ सकती है.
* एमबीयू स्टेटस कैसे जांचें?
अभिभावक माय-आधार के माध्यम से या यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर बच्चे के आधार से संबंधित जानकारी और अपडेट की स्थिति जांच सकते हैं. इसके अलावा नजदीकी अधिकृत आधार सेवा केंद्र पर जाकर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है.
* आधार केंद्र पर बच्चे को साथ ले जाएं
एमबीयू कराने के लिए अभिभावक बच्चे को लेकर अधिकृत आधार एनरोलमेंट-अपडेट सेंटर जाएं. बच्चे का वर्तमान आधार कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज साथ रखना उपयोगी रहेगा.





