मनपा से 2 करोड़ रुपये के जुर्माने की फाइल गायब
नगर विकास विभाग से शिकायत

* विपक्ष नेता विजय वडेट्टीवार की उच्चस्तरीय जांच की मांग
अमरावती /दि.14 – अमरावती महानगरपालिका में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों से जुड़ी गंभीर वित्तीय अनियमितता सामने आई है. कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की भविष्य निधि और ईएसआईसी की राशि समय पर जमा नहीं करने वाली तीन ठेकेदार एजेंसियों पर लगाए गए करीब 2 करोड़ रुपये के जुर्माने की फाइल ही गायब होने का आरोप लगाया गया है. इस मामले में विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने 4 अगस्त 2026 को नगर विकास विभाग के अवर सचिव के पास लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
महानगरपालिका को मैनपावर उपलब्ध कराने वाली गोविंदा, ईटकॉन सॉल्यूशन और महात्मा फुले नामक तीन ठेकेदार एजेंसियों पर आरोप है कि उन्होंने कर्मचारियों के वेतन से काटी गई पीएफ और ईएसआईसी की रकम निर्धारित समय पर सरकार के संबंधित खातों में जमा नहीं की. साथ ही कर्मचारियों को उनका पूरा मूल वेतन नहीं दिए जाने का भी आरोप है.
* 4-5 महीने से जुर्माने की वसूली की फाइल लंबित
वडेट्टीवार के अनुसार, संबंधित ठेकेदार एजेंसियों से करीब 2 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूलने की फाइल पिछले 4 से 5 महीनों से मनपा में लंबित रखी गई है. आरोप है कि फाइल को रोककर रखा गया, जबकि इन्हीं एजेंसियों के नियमित बिलों को तेजी से मंजूरी दी जा रही है. इससे मनपा और सार्वजनिक निधि को आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई गई है.
* धारा 451 के तहत हस्तक्षेप की मांग
शिकायत में महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम, 1949 की धारा 451 के तहत नगर विकास विभाग से हस्तक्षेप करने की मांग की गई है. वडेट्टीवार ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों एवं संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने मांग की कि तीनों ठेकेदार एजेंसियों से 2 करोड़ रुपये का जुर्माना तत्काल वसूल किया जाए, दोषी एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया जाए तथा जुर्माने की फाइल रोकने और ठेकेदारों को कथित रूप से लाभ पहुंचाने वाले महानगरपालिका अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई की जाए.





