विदर्भ में 19 अप्रैल तक आसमान से आग
मौसम विभाग का अंदाज

* अगले चार दिन अहम, प्रशासन ने अलर्ट जारी किया
नागपुर/दि.17 – विदर्भ में आसमान से आग बरस रही है. तापमान लगातार चढ रहा है. लोगों का जीना मुहाल हो रखा है. ऐसे में मौसम विभाग ने समूचे राज्य में आगामी कुछ दिनों तक भीषण गर्मी पडने का अंदाज व्यक्त करते हुए विदर्भ में 19 अप्रैल तक हीट वेव की आशंका व्यक्त की है. जिससे शासन प्रशासन ने नागपुर और अमरावती संभाग के लोगों को खबरदार किया है. यहां पारा 44 डिग्री को पार हो चुका है. उधर सोशल मीडिया पर जारी अफवाहों में दावा किया जा रहा है कि, 28 अप्रैल तक अमरावती संभाग में कई स्थानों पर पारा 47-48 डिग्री तक नया रिकॉर्ड होने की आशंका है. अमरावती और अकोला पहले ही देश में सबसे हॉट बने हुए है.
राज्य में इस समय बहुत ज़्यादा गर्मी पड़ रही है और कई हिस्सों में तापमान रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है. खासकर पुणे शहर में गर्मी का असर ज़्यादा महसूस हो रहा है और तापमान 40 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच स्थिर है. लोहेगांव इलाके में लगातार दूसरे दिन तापमान 42 डिग्री तक पहुंचने से लोग बहुत ज़्यादा गर्मी से परेशान हैं. ऐसे में, अगले कुछ दिनों में स्थिति और गंभीर होने की संभावना है.
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गर्मी का असर जारी रहेगा. मध्य महाराष्ट्र में 18 अप्रैल तक, मराठवाड़ा में 16 से 18 अप्रैल के बीच और विदर्भ में 15 से 19 अप्रैल के बीच. कोंकण इलाके में भी 17 अप्रैल को कुछ जगहों पर गर्म और उमस भरा मौसम रह सकता है. इसलिए, प्रशासन ने लोगों से इस दौरान खास ध्यान रखने की अपील की है.
स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर ने नागरिकों से अलर्ट रहने की अपील की है और कुछ ज़रूरी निर्देश दिए हैं. गर्मी से बचने के लिए खूब पानी और जठड पीना ज़रूरी है. कहा गया है कि हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनना, बाहर जाते समय टोपी या छाता इस्तेमाल करना और हो सके तो छांव में आराम करना ज़रूरी है. खासकर दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचने की सलाह दी गई है.
इसके अलावा, कुछ चीज़ों से बचने की भी सलाह दी गई है. दोपहर में ज़्यादा मेहनत वाला काम करने से बचें, धूप में नंगे पैर न चलें और शराब, चाय, कॉफी और ज़्यादा चीनी वाली ड्रिंक्स कम मात्रा में पिएं. बच्चों या पालतू जानवरों को बंद गाड़ियों में न छोड़ें. जो लोग फैक्ट्रियों में काम करते हैं, खासकर ज़्यादा तापमान वाली जगहों पर, उन्हें खास ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि ऐसी स्थितियों में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.
* बच्चे, बुज़ुर्ग और बीमार सबसे ज़्यादा प्रभावित
बच्चे, बुज़ुर्ग, गर्भवती महिलाएं और बीमार लोग गर्मी से सबसे ज़्यादा प्रभावित हो सकते हैं. इसलिए, इन वजहों से खास सावधानी बरतने की ज़रूरत है. बहुत ज़्यादा पसीना आना, ज़्यादा प्यास लगना, स्किन का रूखा होना, बुखार, चक्कर आना या उल्टी होना हीट स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं. अगर ऐसे लक्षण दिखें, तो प्रशासन ने मरीज़ को तुरंत ठंडी जगह पर ले जाने और पास के हॉस्पिटल में इलाज कराने की सलाह दी है.





