आईटा मेन्स अंडर-18 सीएस-7 चैम्पियनशिप के विजेता बने गर्व वाधवानी

फाइनल मैच में नागपुर के प्रणव गायकवाड को किया परास्त

अमरावती/दि.12- शहर के एमआईडीसी मार्ग पर स्थित गुरुनानक सोसायटी के रहनेवाले मनोज वाधवानी के बेटे गर्व वाधवानी टेनिस की दुनिया में अपना नाम रोशन कर रहे है. लगातार 8 सालों से इस खेल को वे अपना पैशन बना चुके है. गर्व ने शुक्रवार 8 मई को रायपुर में आयोजित ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (आईटा) मेन्स सिंगल अंडर-18 सीएस-7 चैम्पियनशिप का खिताब हासिल किया है. उसने फाइनल मुकाबले में नागपुर के प्रणय गायकवाड को 7-6, 6-1 से हराकर शानदार जीत हासिल की है. अमरावती संभाग से इस प्रतियोगिता में शामिल हुए गर्व ने संपूर्ण देश में इतिहास रचकर अमरावती संभाग का नाम रोशन किया है.
इस संदर्भ में जानकारी देते हुए गर्व के पिता मनोज वाधवानी ने बताया कि, 7 वर्ष की आयु से ही गर्व की टेनिस खेल की ओर रुचि बढी. जिसके चलते परिवार ने उसे बापू कॉलोनी स्थित एडवांस टेनिस अकादमी में प्रवेश दिलवाया और 13 वर्ष की उम्र तक गर्व ने वहां प्रशिक्षण लिया. उसके पश्चात एक टेनिस पुणे में तथा वर्तमान में हैदराबाद के एसकेटीए अकादमी में वह टेनिस खेल का प्रशिक्षण ले रहा है. इसी अकादमी के सहयोग से गर्व ने आईटा मेन्स अंडर-18 सीएस-7 चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने की चयन प्रक्रिया पूर्ण की.
इस दौरान चयन प्रक्रिया में देश के 64 टेनिस खिलाडियों ने हिस्सा लिया था. आईटा मेन्स अंडर-18 सीएस-7 चैम्पियनशिप के मुकाबले के इनमें से ऑल इंडिया लेवल पर केवल 32 खिलाडियों को मौका दिया गया. जिसमें अमरावती के गर्व वाधवानी का भी समावेश रहा. गर्व ने ओडिसा, इंदौर और हैदराबाद के खिलाडियों को अलग-अलग मैच में हराकर फाइनल में अपनी जगह बनाई. जिसमें टेनिस के सिंगल मैच में उसका मुकाबला नागपुर के प्रणव गायकवाड के साथ हुआ. इस मुकाबले में 7-6, 6-1 से प्रणव को हराकर आईटा मेन्स अंडर-18 सीएस-7 चैम्पियनशिप के सिंगल का खिताब गर्व ने अपने नाम किया.
बता दें कि, इससे पूर्व भी गर्व ने आईटा मेन्स अंडर-18 चैम्पियनशिप के दिसंबर 2025 में हैदराबाद में हुए मुकाबले में डबल्स में जीत हासिल की थी. उसी प्रकार अप्रैल में अजमेर में हुए टेनिस डबल्स में उसे दूसरे स्थान पर समाधान व्यक्त करना पडा था. वह हर दिन करीब 10 घंटे तक कडी मेहनत के साथ टेनिस का प्रशिक्षण लेता है. इसके लिए आवश्यक डाइट भी फालो करता है. उसका सपना है कि, वह भविष्य में अंतरराष्ट्रीय टेनिस खिलाडी बनकर देश की विभिन्न खेल प्रतियोगिता में देश का नेतृत्व करे. उसके लिए सर्बियाई टेनिस प्लेअर नोवाक जोकोविच एक आदर्श है. वह उन्हीं की तरह टेनिस के खेल में अपना प्रदर्शन दिखाना चाहता है.
गर्व ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता मनोज वाधवानी, मां कीर्ती वाधवानी के साथ शाश्वत कॉन्सेप्ट स्कूल, एडवांस टेनिस अकादमी, हैदराबाद की एसकेटीए अकादमी को दिया है. वह पढाई के साथ अपने टेनिस खेल में करिअर को लेकर अत्याधिक उत्साही है. वर्तमान में गर्व टेनिस के खेल में अंडर-18 में ऑल इंडिया लेवल पर इस जीत के साथ 100 वीं रैकिंग प्राप्त कर सकता है.

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