सरकारी परीक्षा शुल्क माफी केवल कागजों पर

अमरावती विद्यापीठ के रवैये पर युवासेना आक्रामक, आंदोलन की चेतावनी

अमरावती/दि.14 – महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के 256 तहसीलों में सूखा घोषित करते हुए संबंधित क्षेत्रों के स्कूलों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस माफ करने की घोषणा की है. हालांकि, सरकारी आदेश के बावजूद संत गाडगे बाबा अमरावती विद्यापीठ प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क भरने के निर्देश दिए जाने का आरोप लगाया गया है. इससे सूखाग्रस्त क्षेत्रों के गरीब किसानों के बच्चों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका है.
युवासेना ने विद्यापीठ प्रशासन के इस रवैये पर कड़ा विरोध जताते हुए आरोप लगाया है कि सरकार के परीक्षा शुल्क माफी के आदेश को प्रभावी रूप से लागू नहीं किया जा रहा है. एक ओर सूखे के कारण किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके बच्चों को परीक्षा शुल्क भरने के लिए कहा जा रहा है. इससे सरकार की शुल्क माफी की घोषणा केवल कागजों तक सीमित रहने का आरोप लगाया जा रहा है.
* पांच जिलों के विद्यार्थियों पर असर
आरोप के मुताबिक अमरावती विभाग के पांच जिलों के विद्यार्थियों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है. सरकार द्वारा परीक्षा शुल्क माफ करने के स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद विद्यापीठ प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों को शुल्क भरने के लिए कहे जाने पर सवाल उठाए जा रहे हैं. युवा सेना ने मांग की है कि सरकारी आदेश का तत्काल पालन करते हुए पात्र विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क माफी का लाभ दिया जाए.
* युवा सेना ने दी आंदोलन की चेतावनी
इस मामले को लेकर शिवसेना उबाठा की युवासेना ने आक्रामक रुख अपनाया है. संगठन की ओर से अमरावती विभाग के संयुक्त संचालक को ज्ञापन सौंपकर विद्यापीठ प्रशासन के रवैये के खिलाफ शिकायत की गई है. साथ ही, विद्यार्थियों को राहत नहीं मिलने पर तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है. युवासेना ने संबंधित अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क माफी का लाभ दिलाने तथा सरकारी आदेश की अनदेखी करने वाले विद्यापीठ प्रशासन के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है. इस अवसर पर युवा सेना के जिला प्रमुख अंकुश पाटिल कावड़कर, एड. योगेश सोलंके, सुमित राऊत, ओम कडू, साहिल ढोले, ऋषिकेश हिंगणकर, महेश केंद्रे, वेदांत दांडगे, हर्ष धोटे, हर्षल कडू, कार्तिक भटकर, श्रीहरि मारकर, श्रीजीत इंगोले सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

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