रविकांत तुपकर से बातचीत करे सरकार
संयुक्त किसान मोर्चा का विभागीय आयुक्त कार्यालय के सामने प्रदर्शन

अमरावती /दि.18 – किसान कर्जमाफी और किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा, अमरावती के बैनर तले बुधवार को विभागीय आयुक्त कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से किसान नेता रविकांत तुपकर के साथ तत्काल सम्मानपूर्वक बातचीत करने और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की.
मोर्चा के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि रविकांत तुपकर ने 15 जून से बुलढाणा स्थित अपने निवास पर आमरण अनशन शुरू किया है और अनशन का तीसरा दिन होने के कारण उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है. ऐसे में सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना 2026’ किसानों के बजाय बैंकों के हित में अधिक दिखाई देती है. उन्होंने आरोप लगाया कि योजना में ऐसी शर्तें रखी गई हैं जिनसे किसानों को वास्तविक लाभ मिलने में कठिनाई हो रही है. साथ ही नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों को भी समान लाभ देने की मांग की गई.
ज्ञापन में कहा गया कि किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है. न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू नहीं किया गया है, विदेशी आयात को छूट मिलने और कृषि नीतियों के कारण किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है. इसलिए बिना शर्त व्यापक कर्जमाफी लागू की जानी चाहिए. संयुक्त किसान मोर्चा ने राज्य सरकार, प्रशासन और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों की एक संयुक्त बैठक तत्काल मंत्रालय में बुलाने की भी मांग की. प्रदर्शन में महाराष्ट्र राज्य किसान सभा, भारतीय खेत मजदूर यूनियन, मराठा सेवा संघ, अखिल भारतीय नवजवान सभा, आम आदमी पार्टी तथा किसान पुत्र आंदोलन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. आंदोलन में कॉमरेड अशोक सोनारकर, डॉ. ओमप्रकाश कुटेमाटे, प्रकाश साबले, महेश देशमुख, सुनील घटाले, जयेंद्र भोगे, अश्विन चौधरी, डॉ. प्रफुल्ल गुडदे, प्रा. साहेबराव विधले, लता सोनारकर समेत विभिन्न किसान और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे.





