शंकरबाबा की पुकार पर दौडी इंसानियत, एम्बुलेंस में ही दो बच्चियों का इलाज
जिला सामान्य अस्पताल की तत्परता दिखाई दी

अमरावती/दि.21 – अमूमन जिला सामान्य अस्पताल अपने लचर कामकाज व लापरवाही के लिए चर्चा एवं विवादों में घिरा नजर आता है. परंतु गत रोज एक ऐसी घटना घटित हुई जब जिला सामान्य अस्पताल की तत्पर व इंसानियतभरी सेवा सबको दिखाई दी. अनाथों के नाथ कहे जाते 85 वर्षीय पद्मश्री डॉ. शंकरबाबा पापलकर अपने वज्जर स्थित आश्रम में रहनेवाली दो बीमार बच्चियों को इलाज कराने हेतु अमरावती पहुंचे तथा उन्होंने जिला सामान्य अस्पताल में पहुंचते ही अपनी बच्चियों को बचाने की गुहार लगाई. मामले की गंभीरता को समझते ही खुद जिला शल्य चिकित्सक डॉ. विनोद पवार बिना समय गंवाए एम्बुलेंस वाहन के पास पहुंचे और उन्होंने एम्बुलेंस में ही दोनों बच्चियों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए उन्हें चिकित्सा सेवा भी उपलब्ध कराई.
बता दें कि पद्मश्री शंकरबाबा पापलकर द्बारा वझ्झर स्थित स्व. अंबादासपंत वैद्य अनाथ, गतिमंद व दिव्यांग बालगृह का संचालन किया जाता है. इस बालगृह में रहनेवाली बिमली नामक छात्रा गतिमंद व बहुदिव्यांग हैं जो चल फिर नहीं सकती. वहीं केतना नामक बच्ची गतिमंद, मुकबधिर व पोलियोग्रस्त है. इन दोनों बच्चियों के अस्वस्थ रहने के चलते उन्हें एम्बुलेंस के जरिए वझ्झर से अमरावती स्थित जिला सामान्य अस्पताल में इलाज हेतु लाया गया था. जिसके बारे में जानकारी देते ही सीएस डॉ. पवार ने अपने कक्ष से बाहर निकलकर रूग्णवाहिका के पास पहुंचते हुए वहीं पर दोनों बच्चियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई.
इस कार्य में अतिरिक्त जिला शल्य चिकित्सक डॉ. प्रमोद निरवणे, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश खराते, फिजीशियन डॉ. कोल्हे, फिजीयोथेरेपिस्ट प्रमोद शेंडे व सोशल वर्कर प्रमोद भक्ते ने तत्काल वैद्यकीय सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग किया. इस समय सीएम डॉ. पवार ने शंकरबाबा को आश्वस्त किया कि, वे वझ्झर आश्रम में रहनेवाले बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण, रोगनिदान व चिकित्सा के लिए जिला सामान्य अस्पताल से कभी भी संपर्क कर सकते हैं. अस्पताल द्बारा इन बच्चों को हमेशा ही पूरी तत्परता के साथ अपनी सेवाएं उपलब्ध कराई जायेंगी.





