सारथी कार्यक्रम में सीट विवाद पर भाजपा में खींचतान

मेधा कुलकर्णी ने अभिमन्यु पवार को दी नसीहत

पुणे/दि.26- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में आयोजित सारथी संस्था के सम्मान समारोह में भाजपा नेताओं के बीच सीट व्यवस्था को लेकर उपजा विवाद अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है. राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी ने विधायक -अभिमन्यु पवार के कथित व्यवहार पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह उन्हें माफ करती हैं, लेकिन उन्हें आत्ममंथन करने की आवश्यकता है.
सारथी संस्था द्वारा यूपीएससी, एमपीएससी तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल विद्यार्थियों और उनके पालकों के सम्मान के लिए आयोजित कार्यक्रम में पहली पंक्ति में बैठने को लेकर विवाद सामने आया था. विवाद के बाद मेधा कुलकर्णी कार्यक्रम स्थल छोड़कर चली गई थीं. बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए मेधा कुलकर्णी ने कहा कि कार्यक्रम में पहली पंक्ति की कुछ कुर्सियां खाली थीं और प्रोटोकॉल के अनुसार अधिकारियों ने उन्हें वहां बैठने का आग्रह किया था. उन्होंने बताया कि अधिकारियों का कहना था कि उपलब्ध प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें वहां बैठने का अधिकार है, लेकिन इसी दौरान अभिमन्यु पवार भी उसी स्थान पर बैठने के इच्छुक थे.
सांसद मेधा कुलकर्णी के अनुसार, विधायक अभिमन्यु पवार ने यह कहते हुए आपत्ति जताई कि यह मराठा समाज का कार्यक्रम है और यदि वह वहां बैठेंगी तो विवाद खड़ा हो सकता है. कुलकर्णी ने इस टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम किसी जाति विशेष का नहीं, बल्कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के सम्मान का कार्यक्रम था और सरकारी आयोजनों में बैठने की व्यवस्था जाति के आधार पर नहीं, बल्कि शासकीय प्रोटोकॉल के अनुसार की जाती है. उन्होंने कहा कि समाज को जातिगत पहचान से ऊपर उठकर व्यापक हिंदू समाज और राष्ट्रहित के दृष्टिकोण से सोचना चाहिए. उनका कहना था कि वर्तमान समय में देश के सामने अनेक चुनौतियां हैं और ऐसे में जातिगत विभाजन को बढ़ावा देना उचित नहीं है. मेधा कुलकर्णी ने यह भी याद दिलाया कि जब अभिमन्यु पवार चुनाव लड़ रहे थे, तब उन्होंने स्वयं उनके समर्थन में ब्राह्मण समाज के कार्यक्रम में भाग लिया था. ऐसे में किसी कार्यक्रम को जातीय दायरे में सीमित करने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है.
सांसद कुलकर्णी ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम के दौरान हुई घटनाओं से असहज महसूस हुआ, इसलिए उन्होंने वहां से निकल जाना उचित समझा. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह अभिमन्यु पवार को व्यक्तिगत रूप से माफ करती हैं, लेकिन उन्हें अपने वक्तव्य और व्यवहार पर आत्मपरीक्षण करना चाहिए.इस घटनाक्रम के बाद भाजपा और राजनीतिक गलियारों में कार्यक्रम के दौरान हुई इस खींचतान को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है.

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