मेलघाट में अंतरराज्यीय तेंदुआ शिकार रैकेट का भंडाफोड़
चार शिकारी गिरफ्तार

हरिसाल /दि.16 – मेलघाट टाइगर प्रोजेक्ट के अंतर्गत आने वाले गुगामल वन्यजीव विभाग ने वन्यजीव शिकार और तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय तेंदुआ शिकार रैकेट का पर्दाफाश किया है. दो चरणों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान वन विभाग ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है तथा उनके कब्जे से तेंदुए की खाल बरामद की है.
वन अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से जुड़े नेटवर्क को देखते हुए यह मामला अंतरराज्यीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी गिरोह से जुड़ा हो सकता है. मामले की गहन जांच की जा रही है.
* हरिसाल चेकपोस्ट पर शुरू हुआ ऑपरेशन
12 जून को वन्यजीव अपराध नियंत्रण दल को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग तेंदुए की खाल बेचने के लिए हरिसल क्षेत्र में आने वाले हैं. सूचना के आधार पर गुगामल वन्यजीव विभाग और वन अपराध नियंत्रण दल ने जाल बिछाया और कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों के नाम मांगीलाल इवने, दीपक उडके और कमल ठाकुर है. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने मध्य प्रदेश में सक्रिय एक बड़े सरगना का नाम उजागर किया.
* मध्य प्रदेश में छापा, मास्टरमाइंड गिरफ्तार
आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर 14 जून को गुगामल वन्यजीव विभाग, वन अपराध नियंत्रण शाखा और मध्य प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम ने मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के जिरपा गांव में छापेमारी की. इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी महेंद्र सिंह मंडलाई को गिरफ्तार किया गया. उसके घर की तलाशी के दौरान अधिकारियों को तेंदुए की एक बड़ी और पूरी खाल मिली, जिसे तत्काल जब्त कर लिया गया.
* अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़े होने का संदेह
वन विभाग को संदेह है कि आरोपी संगठित वन्यजीव तस्करी नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे. बरामद तेंदुए की खाल और आरोपियों के अंतरराज्यीय संपर्कों को देखते हुए जांच एजेंसियां इस मामले के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही हैं.
* चारों आरोपी जेल भेजे गए
सोमवार को वन विभाग ने चारों आरोपियों को धारणी न्यायालय में पेश किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने सभी आरोपियों को 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया. इसके बाद उन्हें अमरावती केंद्रीय कारागार भेज दिया गया. वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है. अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर वन्यजीव तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है.





