30.10 करोड से चमकेगा जवाहर गेट और परकोट
ऐतिहासिक संरचना के संरक्षण एवं पुनर्निर्माण को पुरातत्व विभाग की मंजूरी

अमरावती/दि.16 – शहर के ऐतिहासिक जवाहर गेट सहित संपूर्ण प्राचीन परकोट के पुनर्जीवित करने का बडा कदम उठाया जा रहा हैं. पुरातत्व विभाग ने इस ऐतिहासिक संरचना के संरक्षण एवं पुनर्निर्माण के लिए 30.10 करोड रुपए के बजट का प्रस्ताव प्रस्तृत किया है. यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है तो करीब 200 साल पुराने इस परकोटे को आधुनिक तकनीकों और विशेषज्ञों की मदद से सुरक्षित किया जाएगा और इसका भव्य स्वरूप फिर से उभरेगा.
परकोटा की जीर्ण स्थिति को देखते हुए यह कार्य अत्यंत आवश्यक बताया जा रहा हैं, क्योंकि इसके संरक्षण में विलंब आने पर यह अनमोल धरोहर क्षतिग्रस्त हो सकती हैं. पुरातत्व विभाग के अधिकारी इस परियोजना को ऐतिहासिक महत्व की धरोहरों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम बता रहे हैं. विभाग के अनुमान के अनुसार 30.10 करोड रुपए की राशि का उपयोग परकोटा की दीवारों की मरम्मत , दरवाजों की बहाली, गंदगी व क्षरण से बचाव, तथा संरचना के आसपास के क्षेत्र को आकर्षक बनाने में किया जाएगा. यह परकोटा सन 1806 से 1821 के बीच निर्मित हुआ था जिसे तत्कालीन सिकंदर जहा ने दुश्मनों के हमलों से रक्षा के लिए बनवाया था. कुल 4.02 किलोमीटर लबी और 20 से 26 फीट उंची इस संरचना में अंबागेट, जवाहर गेट, नागपुरी गेट, खोलापुरी गेट और महाजनपुरी गेट यह पांच बडे दरवाजे शामिल हैं. इसके अलावा चार छोटे दरवाजे भी हैं, जिनके नाम खुणारी खिडकी छत्रपुरी खिडकी, माता खिडकी और पटेल खिडकी है. यह परियोजना न केवल अमरावती के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करेगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन को भी बढावा देगी, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास के मदद मिलेगी. यह प्रस्ताव जल्द ही संबंधित उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा और अनुमोदन के पश्चात कार्य शुरू होने की संभावना हैं.





