मेलघाट में ‘केसल अली’ कीट का कहर
सोयाबीन समेत कई फसलें संकट में

* जिला कृषि अधीक्षक ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
* किसानों को सतर्क रहने और समय पर छिड़काव की सलाह
अमरावती/दि.27– मेलघाट के चिखलदरा क्षेत्र में इन दिनों ‘केसल अली’ नामक कीट का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है. इस कीट ने सोयाबीन, अरहर, मूंग, उड़द और मक्का जैसी प्रमुख खरीफ फसलों पर हमला कर किसानों की चिंता बढ़ा दी है. फसल के शुरुआती विकास चरण में हुए इस हमले से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला कृषि अधीक्षक राहुल सतपुते ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि कीट प्रकोप के कारण फसलों की दूसरी बुवाई की संभावना भी प्रभावित हो सकती है. इससे पहले 21 जुलाई को सोनापुर क्षेत्र में कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र, घाटखेड के वैज्ञानिकों ने प्रभावित खेतों का निरीक्षण किया. जांच में पाया गया कि यह कीट आसपास के जंगलों से खेतों में पहुंच रहा है. निरीक्षण दल में फसल संरक्षण विशेषज्ञ एस. ए. पचकावड़े, उद्यान विशेषज्ञ डॉ. ए. पी. फ्यूज तथा तालुका कृषि अधिकारी ए. आर. भारसाकले शामिल थे.
* बारिश से कुछ राहत, लेकिन खतरा बरकरार
वैज्ञानिकों के अनुसार, हाल की बारिश से कीटों का प्रभाव कुछ कम हुआ है. हालांकि, मौसम में बदलाव, बादल छाए रहने और अनियमित वर्षा की स्थिति में कीट प्रकोप दोबारा बढ़ सकता है. कृषि विभाग ने किसानों से नियमित रूप से फसल का निरीक्षण करने और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार दवा का छिड़काव करने की अपील की है.
* कृषि विभाग की सलाह
खेत की मेड़ों और आसपास की झाड़ियों की नियमित सफाई करें, कीट नियंत्रण के लिए लाइट ट्रैप का उपयोग करें, प्रारंभिक बचाव हेतु 5 प्रतिशत नीम अर्क का छिड़काव करें, प्रकोप अधिक होने पर क्विनालफॉस 25 एउ (30 मि.ली.) या क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 18.5% (3 मि.ली.) को 10 लीटर पानी में मिलाकर कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार छिड़काव करें. कृषि विभाग ने किसानों से अफवाहों पर भरोसा न करने और किसी भी प्रकार के कीट प्रकोप की जानकारी तुरंत स्थानीय कृषि अधिकारी को देने की अपील की है.





