आइए एक दिन डफरीन जैसा अस्पताल गोद लें, साफ करें, व्यवस्था संभाले

कावड, दहीहांडी, उर्स में ही करते भीड

* शिशुओं की मौत दर्दनाक, कार्रवाई नहीं हुई तो शिवसेना स्टाइल आंदोलन
* शिवसेना नेता और विधायक बच्चू कडू की अमरावती मंडल से एक्सक्लुसीव बातचीत
* कुछ नहीं होता कहना ठीक नहीं, कुछ सही होता है, कुछ गलत होता है
अमरावती/दि.1 – शिवसेना विधायक और जिले के आक्रमक लीडर ओमप्रकाश उर्फ बच्चू कडू ने आज कहा कि, अकेले डफरीन-इर्विन की बात नहीं, समस्त महाराष्ट्र में ही सरकारी अस्पतालों की दुर्दशा हो रखी है. जिसके लिए व्यापक सुधार के कदम उठाने होंगे. समाज संगठन को केवल धार्मिक, जातिगत आयोजनों में भीड करने की बजाए डफरीन जैसे अस्पताल को एक दिन के लिए ही सही गोद लेकर वहां की साफ-सफाई और व्यवस्था की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. बच्चू कडू ने आज दोपहर जिला स्त्री अस्पताल परिसर में अमरावती मंडल से खास वार्तालाप में उक्त बातें कही और घोषणा कर दी कि, स्वास्थ्य सेवाओं और विभाग की ओर सरकार और समाज का ध्यान आकृष्ट करने शीघ्र ही धारणी से अमरावती स्वास्थ्य यात्रा निकाली जाएगी. बच्चू कडू ने डफरीन में गत 24 अगस्त को हुई शिशुओं की मौत को दर्दनाक बताया. किंतु उन्होंने सुधार की बातें भी की. कडू ने अमरावती मंडल के प्रश्नों के उत्तर में कहा कि, जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी ही. नहीं हुई तो शिवसेना स्टाइल आंदोलन करने से नहीं चूकेंगे.
* देखा हाल, बोले – आइए सभी करें सुधार
बच्चू कडू ने अपने सहयोगियो संग जिला स्त्री अस्पताल डफरीन का मुआयना किया. घटना कैसे हुई, इसकी जानकारी लेने के साथ उन्होंने अमरावती मंडल से बातचीत में बचावात्मक रुख अपना रखा था. कडू से पूछा गया कि, 8 दिनों बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है. तब विधायक कडू ने तपाक से कहा कि, हल्लाबोल करना उद्देश्य नहीं होना चाहिए. स्वास्थ्य मंत्री ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. दोषियों पर अवश्य एक्शन होगा, किसी को बख्शा नहीं जाएगा. कडू ने यह भी कहा कि, पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के बुरे हाल हो रखे हैं. इसलिए जनभागीदारी से ही स्वास्थ्य सेवाएं ठीक करने का काम हो सकता है. स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों ही महत्वपूर्ण विभाग रहने पर भी इस ओर ध्यान कम दिया जाता है. आइए सभी मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कार्य करें.
* घटना होने पर ही क्यों आए?
बच्चू कडू ने अमरावती मंडल के प्रतिनिधि से उलटे प्रश्न पूछा कि, घटना होने पर ही वह डफरीन क्यों आए हैं? कभी यहां झाडू लेकर काम किया है? उन्होंने कह दिया कि, केवल माइक लेकर खडे रहने से नहीं चलेगा. हम, आप सभी को मिलकर डफरीन, इर्विन जैसे दवाखानों का सुधार करना होगा. इसके वास्ते एक दिन की जिम्मेदारी लेना बेहतर रहेगा. विधायक कडू ने यह भी कहा कि, स्वास्थ्य सेवाएं धर्म, जाति से परे होती है. मंदिर-मस्जिद करने से ठीक नहीं होगा. इसलिए दहीहांडी, कावड, उर्स में भीड करते हैं. ऐसे ही किसी अस्पताल की सेवाओं के सुधार का भी बीडा ले सकते हैं. उस अस्पताल को गोद लेकर काम शुरु करना ठीक रहेगा.
* स्वास्थ्य को अलग श्रेणी
शिवसेना नेता और पांच बार के विधायक बच्चू कडू ने जोर देकर कहा कि, स्वास्थ्य महत्वपूर्ण क्षेत्र है. इसे अलग श्रेणी दी जानी चाहिए. इसके लिए आगामी कुछ दिनों में धारणी से अमरावती स्वास्थ्य यात्रा निकालकर वे राज्य शासन से बेहतर नीतियों के साथ समस्त महाराष्ट्र में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ करने का अनुरोध करेंगे. यंत्रणा में सुधार आवश्यक है. कर्मचारियों की बडी कमी है. उन्होंने स्मरण कराया कि, इर्विन की ओर से 700 बेड का प्रस्ताव किया गया है, उस पर अभी निर्णय नहीं हो पाया है.
* रिटायर्ड ब्रिगेडियर को सौंपे अस्पताल!
बच्चू कडू ने कहा कि, महाराष्ट्र में आरोग्य सेवा का जो बुरा हाल है, उसे देखते हुए लगता है कि, यहां सेना जैसा कडा अनुशासन आवश्यक है. लगता है कि, किसी सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर या कर्नल को अस्पताल सौंपे जाने चाहिए. बच्चू कडू ने डफरीन अस्पताल में चार साल पहले भी आगजनी की ऐसी घटना हो जाने का जिक्र करने पर और कोई कार्रवाई न होने की ओर ध्यान दिलाने पर बहुत साफ कहा कि, केवल अंगुलियां उठाने से नहीं चलता. कुछ नहीं हुआ, ऐसा कहना भी ठीक नहीं. कुछ हुआ है, तभी तो यहां पेशंट आते हैं. कुछ गलत हुआ है. गलत को ठीक करना होगा. पिछली पद्धति में खरीदें गए वेंटिलेटर ठीक तरह से काम कर रहे थे या नहीं, अथवा उसमें पहले से ही फॉल्ट था, उपकरण सेकंडहैंड थे, यह जांच का विषय हो सकता है.
* धारणी से निकालेंगे स्वास्थ्य यात्रा
समस्त महाराष्ट्र की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ करने के लिए विधायक बच्चू कडू ने आगामी दिनों में धारणी से अमरावती स्वास्थ्य यात्रा निकालने का ऐलान किया. उन्होंने बताया कि, यात्रा का उद्देश्य महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवाओं की ओर सभी का ध्यान आकृष्ट करना है. शासन-प्रशासन से जहां बेहतर नीतियों और क्रियान्वयन, भरपूर मानव संसाधन की अपेक्षा है, वहीं जनसहयोग भी उतना ही जरुरी है. कडू ने इस बातचीत से पहले डफरीन में मृत शिशुओं को श्रद्धांजलि देने खुद और अपने पदाधिकारियों के संग रक्तदान किया.

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