अमरावती में बढ़ते अपराध के खिलाफ समविचारी संगठनों की एकजुटता

पुलिस प्रशासन को जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से मुक्त करें

* अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण न देने की मांग
अमरावती/दि.7 शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, बाल अपराध, अवैध हथियारों की बिक्री और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर रविवार को शासकीय विश्रामगृह में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं समविचारी संगठनों के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक में शहर की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव एवं मांगें रखी गईं.
प्रतिनिधियों ने शहर में बढ़ती अपराध की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि अपराध होने के बाद केवल मामला दर्ज करना पर्याप्त नहीं है. अपराधियों को कानून के अनुसार सजा मिले और भविष्य में अपराधों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई आवश्यक है. बैठक में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने राजनीतिक मतभेदों को अलग रखते हुए अमरावती शहर की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया. शहर को अपराधमुक्त एवं सुरक्षित बनाने के लिए यह अभियान केवल एक बैठक तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रशासन के समक्ष लगातार मुद्दे उठाकर कार्रवाई के लिए प्रयास किए जाएंगे. बैठक में संजय ठाकरे (मराठा सेवा संघ), वसु महाराज (प्रहार संगठन), समीर जवंजाल (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस), राजेश वानखड़े (भीम ब्रिगेड), बंटी रामटेके (प्रहार संगठन), वैभव बगणे, सत्यजित राठोड एवं अनुप भजे (भाजपा), संजय गव्हालेे (शिवसेना नगरसेवक), रितेश तेलमोरे (क्रांति सेना), डॉ. कवलजीत पांडे (श्रीराम सेना), किरण गुडदे (युनाइटेड रिपब्लिकन फोरम), रोशन कडू (राष्ट्रवादी कांग्रेस), श्रीजीत पाटील (योटो फाउंडेशन), एड. कार्तिक देशमुख, मनोज थोरात एवं अतिश डोंगरे (रिपाई), कैलास चव्हाण (सीनेट सदस्य), शुभम जवंजाल (शिवसेना), प्रमोद राऊत (वंचित बहुजन आघाड़ी), जितेश भुजबल (छावा संगठन), पंकज सुरडकर (युवा स्वाभिमान) सहित नितिन देशमुख, प्रशांत गजभिये, शैलेश बागडे, बाबाराव मेश्राम, निखिल देशमुख, सुनील खत्री, विलास भालधरे, मनीष कविट, अनुप बच्चे, ऋषिकेश खेलकर, बाबाराव मेश्राम तथा महिला संगठनों की प्रतिनिधि कोमल बद्रे, प्रतीक्षा वैद्य, संगीता मडावी आदि उपस्थित थे.

* पुलिस को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त करने की मांग
बैठक में सबसे प्रमुख मांग पुलिस प्रशासन को जनप्रतिनिधियों के राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखने की रही. प्रतिनिधियों ने कहा कि अपराधी किसी भी राजनीतिक दल अथवा प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़ा हो, उसके खिलाफ निष्पक्ष और कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. ‘अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण नहीं और पुलिस पर राजनीतिक दबाव नहीं’, ऐसी स्पष्ट नीति सरकार को अपनानी चाहिए, यह मांग बैठक में की गई.

* ‘हथियारमुक्त अमरावती’ अभियान चलाने की मांग
बाल अपराध रोकने के लिए विशेष उपाययोजना और स्वतंत्र प्रतिबंधात्मक व्यवस्था बनाने, नाबालिगों द्वारा किए जा रहे गंभीर अपराधों को देखते हुए कानून में आवश्यक सुधार के लिए सरकार से पहल करने तथा सुरक्षा समितियों में सामाजिक एवं समविचारी संगठनों के पदाधिकारियों को शामिल करने की मांग की गई. शहर में अवैध हथियारों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए ‘हथियारमुक्त अमरावती’ अभियान शुरू कर विशेष समिति गठित करने की मांग की गई. ऑनलाइन चाइना चाकू और अन्य घातक हथियारों की बिक्री करने वाली ई-कॉमर्स कंपनियों एवं विक्रेताओं पर भी कड़ी कार्रवाई की मांग की गई.

* महिलाओं और विद्यार्थियों की सुरक्षा पर जोर
महिलाओं की सुरक्षा के लिए दामिनी पथक को अधिक सक्रिय कर नियमित गश्त बढ़ाने, महिलाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण एवं कानूनी मार्गदर्शन कार्यक्रम बड़े स्तर पर आयोजित करने की मांग की गई. महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए पेपर स्प्रे उपलब्ध कराने को लेकर जनजागरूकता और वितरण अभियान चलाने का सुझाव भी दिया गया. दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों के लिए नियमित काउंसलिंग एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा प्रत्येक स्कूल और कॉलेज के साथ हर महीने पुलिस विभाग की सुरक्षा बैठक आयोजित करने की मांग की गई.

* रात में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग
रात 11 बजे के बाद अनावश्यक रूप से घूमने वाले असामाजिक तत्वों एवं संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा शहर में पुलिस पेट्रोलिंग बड़े पैमाने पर बढ़ाने की मांग की गई. फ्लाईओवर के नीचे और अन्य संवेदनशील स्थानों पर आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर विशेष निगरानी रखने का सुझाव दिया गया. कई वर्षों से लंबित सीसीटीवी व्यवस्था को तत्काल शुरू करने और संवेदनशील स्थानों पर नए कैमरे लगाने की मांग की गई. शहर में पुलिस थानों तथा पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और ‘पुलिस मित्र’ योजना में सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने का सुझाव भी रखा गया.

* कोचिंग क्लासों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
शहर के सभी ट्यूशन एवं कोचिंग क्लास संचालकों के साथ पुलिस द्वारा नियमित बैठकें आयोजित करने तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए कोचिंग संस्थानों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था के संबंध में आवश्यक उपाय करने की मांग की गई. महाविद्यालयों के आसपास अवैध गतिविधियों में शामिल दुकानों पर कार्रवाई करने, कानून का भय पैदा करने के साथ-साथ समाज में व्यापक जनजागृति एवं प्रबोधन अभियान चलाने तथा इछड कानून में आवश्यक सुधार के लिए सरकार से लगातार मांग करने का निर्णय लिया गया.

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