साढ़े तीन महीने से फरार मास्टरमाइंड अंकित वर्मा गिरफ्तार
सेंट्रल बैंक में 3 करोड़ का घोटाला प्रकरण

* फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेज तैयार कर बैंक के 2.95 करोड़ रुपये के गबन का आरोप
* मामले में अब तक 10 आरोपी
अमरावती /दि.14 – सेंट्रल बैंक में करीब 3 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में पिछले साढ़े तीन महीने से फरार चल रहे कथित मास्टरमाइंड अंकित वर्मा को आखिरकार गाडगेनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. बैंक अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर और जाली दस्तावेज तैयार कर सरकारी निधि से करीब 2 करोड़ 95 लाख रुपये निकालकर निजी फायदे के लिए इस्तेमाल करने का आरोप है. ऑडिट के दौरान गड़बड़ी सामने आने के बाद बैंक के असिस्टेंट जनरल मैनेजर सुनील देवस्वरूप पांडे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. इसके आधार पर गाडगेनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.
जानकारी के मुताबिक यह कथित घोटाला फरवरी 2022 से 11 फरवरी 2025 के बीच लंबे समय तक किया गया. आरोप है कि आरोपियों ने बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर किए और उनके नाम से जाली दस्तावेज तैयार किए. इन दस्तावेजों को वास्तविक बताकर बैंक की सरकारी निधि से करीब 2.95 करोड़ रुपये की रकम निकाल ली गई. पुलिस को आशंका है कि इस पूरे मामले में सुनियोजित तरीके से कई लोगों ने मिलकर काम किया.
* 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
गाडगेनगर पुलिस ने 29 मार्च को अंकित वर्मा, माउली लांगे, स्वप्निल डोले, राजेश डोंगरे, अतुल लांगे, कार्तिक लांगे, अमोल लांगे, अभिजीत भनग तथा दो महिलाओं सहित कुल 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. आरोपियों के खिलाफ सरकारी कर्मचारी द्वारा विश्वासघात, धोखाधड़ी और जाली दस्तावेज तैयार करने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है. पुलिस ने तकनीकी जानकारी और जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया.
* बैंक अधिकारी पहले ही गिरफ्तार
इस मामले में बैंक अधिकारी माउली लांगे को करीब एक महीने पहले गिरफ्तार किया जा चुका है और वह फिलहाल जेल में है. पुलिस का कहना है कि अंकित वर्मा की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में घोटाले से जुड़े अन्य लोगों, रकम के लेन-देन और फर्जी दस्तावेजों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की संभावना है.
* जांच में सामने आ सकते हैं नए नाम
अंकित वर्मा को तकनीकी जानकारी के आधार पर हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया. अब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है. जांच अधिकारी गाडगेनगर के सहायक निरीक्षक अमरसिंह वसावे मामले की आगे की जांच कर रहे हैं. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान घोटाले की अन्य कड़ियां और इसमें शामिल दूसरे आरोपियों के पते सामने आ सकते हैं. मामले की जांच जारी है.





