पान मसाला बेचनेवालों पर मकोका नहीं
बंबई हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम सुरक्षा

* व्यापारियों के लिए बडी राहत
* राज्य सरकार का आश्वासन अदालत ने किया स्वीकार
मुंबई/दि.5 – पान मसाला और संबंधित उत्पादों के उद्यम को बंबई उच्च न्यायालय ने बडी राहत दी है. कोर्ट ने राज्य सरकार को कहा है कि, इन उत्पादों के विक्री अथवा वितरण से जुडे लोगों पर मकोका या बीएनएसएस की धाराओं के तहत अगले आदेश तक कार्रवाई नहीं की जा सकती.
हाईकोर्ट ने यह निर्देश राज्य सरकार के अतिरिक्त वकील द्वारा इस संबंध में दिए गए आश्वासन पश्चात जारी किए. कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि, याचिकाकर्ता को डरने की जरुरत नहीं है. उस पर मकोका या बीएनएस 2023 अंतर्गत कोई कार्रवाई प्रशासन-अधिकारी नहीं करनेवाले. मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्या. गौतम अनखड की खंडपीठ ने केजीएन ट्रेडर्स के संचालक मोहम्मद मुस्तफा द्वारा दायर जनहित याचिका क्रमांक 3341 पर सुनवाई दौरान उक्त आशय का स्पष्ट निर्देश और व्यवस्था दी.
याचिका में एफडीए विभाग द्वारा गत 12 जून को जारी पान मसाला और खाद्य पदार्थों के विक्रेता, निर्माता पर मकोका अंतर्गत कार्रवाई किए जाने के आदेश को चुनौती दी गई थी. याचिका में तर्क दिया गया था कि, खाद्य सुरक्षा कानून 2006 अंतर्गत एफडीए को दिए गए अधिकारों से अलग यह विषय है. कोर्ट ने अतिरिक्त सरकारी वकील के पक्ष सुनने के बाद अगले आदेश तक मकोका संबंधी कार्रवाई न किए जाने का आश्वासन लिया. अगली सुनवाई 25 अगस्त को ही रखी गई है. याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील एड. विक्रम नानकानी, प्रकाश शाह, सुमीत नानकानी, जस संघवी, साक्षी दोशी ने पैरवी की. सरकारी पक्ष अतिरिक्त सरकारी वकील मिलिंद मोरे ने रखा. मामले में मुंबई के एफडीए सहायक आयुक्त संतोष कांबले को प्रतिवादी बनाया गया है. खंडपीठ ने याचिका को तत्काल पूरक सुनवाई हेतु बोर्ड पर लेने के निर्देश दिए.





