फर्जी डॉक्टर पर निगरानी, प्रत्येक क्लीनिक में केवाईडी प्लेट जरुरी
31 अक्तूबर की दी गई डेडलाइन
* नहीं तो डॉक्टर्स पर जुर्माना!
अमरावती/दि.23 – रुग्णों को उपचार लेने से पहले संबंधित चिकित्सक का पंजीयन और शैक्षणिक योग्यता जांचने की सुविधा उपलब्ध कराने महाराष्ट्र मेडिकल कौन्सिल एमएमसी ने नो यूवर डॉक्टर केवाईडी पहल अनिवार्य कर दी है. राज्य में एमएमसी के पास पंजीकृत प्रत्येक चिकित्सक को अपने प्रैक्टिस सेंटर पर अधिकृत क्यूआर कोड प्लेट लगाना बंधनकारक किया गया है. इतना ही नहीं तो आगामी 31 अक्तूबर तक समय-सीमा तय की गई है. सूत्रों ने दावा किया कि, नियम का उल्लंघन होने पर शिकायत के आधार पर चरणबद्ध तरीके से अनुशासनात्मक कार्रवाई और जुर्माना किया जा सकता है.
* क्यूआर कोड क्यों?
क्यूआर कोड स्कैन कर मरीज यह मालूम कर सकेंगे कि, डॉक्टर का एमएमसी पंजीयन वैध है या नहीं. बोगस अथवा अपात्र व्यक्तियों द्वारा चिकित्सा व्यवसाय किए जाने की पृष्ठभूमि में यह व्यवस्था लागू की गई है.
* वेटिंग एरिया में लगानी होगी प्लेट
क्यूआर कोड आसानी से स्कैन किया जा सके इसके लिए डिग्री और पंजीयन की प्लेट क्लीनिक, अस्पताल अथवा नर्सिंग होम के वेटिंग एरिया में प्रमुखता से लगानी अनिवार्य है. संस्थानों को वहां कार्यरत डॉक्टर्स की प्लेट सुनिश्चित करनी होगी.
* 15 हजार रुपए जुर्माना?
सूत्रों पर यकिन करें, तो इस मामले में कार्रवाई शिकायत के आधार पर की जाएगी. पहली बार नियम का उल्लंघन करने पर चेतावनी देकर निर्धारित समय दिया जाएगा. इसके बाद उल्लंघन जारी रहने पर जुर्माने का प्रावधान रहने की जानकारी एमएमसी सूत्रों ने दी. उन्होंने बताया कि, तीसरी बार उल्लंघन पाए जाने पर 15 हजार रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है. उसी प्रकार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी संभव है.





