मनपा का 843 करोड का बजट स्थायी समिति को पेश
शहर विकास के प्रोजेक्ट रहेंगे केंद्र में

* सभापति अविनाश मार्डीकर का कहना
* राजस्व आमदनी 437 करोड आंकी गई
अमरावती/दि.18 – महापालिका प्रशासन ने आज वर्ष 2026-27 का अर्थसंकल्प प्रारुप स्थायी समिति को विचारार्थ सौंप दिया है. स्थायी समिति के अध्यक्ष अविनाश मार्डीकर को 843 करोड 74 लाख के बजट का प्रारुप आयुक्त सौम्या शर्मा चांडक ने सौंपा. इस समय सभापति मार्डीकर ने कहा कि, बजट पर समिति में साधक-बाधक चर्चा होगी और शहर विकास के प्रकल्प ध्यान में रखकर, तेजी से साकार करने की दृष्टि से बजट में प्रावधान रहेंगे. उसी प्रकार नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं बेहतर और तत्परता से उपलब्ध करवाने पर जोर रहेंगा. स्थायी समिति में चर्चा पश्चात बजट प्रावधान फाइनल होंगे और मनपा आमसभा में इसे रखा जाएगा. गत 4 वर्षों से प्रशासक राज में आयुक्त ही मीडिया के सामने बजट के प्रावधान बताते थे. अब वर्षों बाद आमसभा में बजट की प्रस्तुति होगी.
वहीं मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा ने कहा कि, शहर विकास के लक्ष्य को लेकर अगले वित्त वर्ष का अर्थसंकल्प तैयार किया गया है. राज्य और केंद्र की योजनाओं अधीन मनपा को मिलने वाले अनुदान के विषय में भी अलग हेड रखा गया है. मनपा शालाओं के गुणवत्तापूर्ण करने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार के लिए बजट में प्रावधान किये गये है. उन्होंने कहा कि, सभी के साथ सहयोग से शहर विकास के काम होंगे. आबोहवा के लिए महापालिका को देश में प्रथम पुरस्कार प्राप्त होने से उस श्रेणी को कायम रखने की जिम्मेदारी भी हम सभी की है. तदअनुरुप बजट में प्रावधान किये गये हैं. निश्चित ही मनपा की आमदनी बढाने की दृष्टि से भी कुछ कदम उठाने जा रहे हैं. जलापूर्ति, स्वच्छता, नालियां, सडके बनाने की दृष्टि से बजट में प्रावधान किया गया.
* 437 करोड की राजस्व आमदनी
महापालिका को 437 करोड की राजस्व आमदनी होने का अनुमान प्रस्तावित बजट में किया गया है. उसी प्रकार निवेश से आमदनी करीब 406 करोड बतायी गई है. कुल 843 करोड 74 लाख 1603 का बजट रहने की जानकारी सूत्रों ने अमरावती मंडल को दी. उन्होनें बताया कि, मनपा को सबसे बडी आमदनी स्वाभाविक रुप से हाउस टैक्स के रुप में होने वाली है. 82 करोड 50 लाख हाउस टैक्स जमा होने का अंदाज बजट में व्यक्त किया गया है. उसी प्रकार शालाओं के शिक्षकों के वेतन पेटे 31 करोड का अनुदान नये वित्त वर्ष में मिल सकता है. पिछले वर्ष यह राशि 30 करोड रही. वहीं व्यापारी संकुलों से आमदनी 3 करोड रहने की संभावना बतायी गई है. मार्केट और दुकानों से 1 करोड 35 लाख, सांस्कृतिक भवन से 3 करोड का किराया, परिवहन सेवा रॉयल्टी 31 लाख रुपए, अतिक्रमण जुर्माना 12 लाख रुपए की आय बतायी गई है. चिल्लर वसुली ठेके से भी मनपा को 25 लाख की आमदनी हो सकती है. अस्पतालों से 22 लाख का परमाना शुल्क मनपा को मिलने वाला है. शासकीय योजनाओं के ब्याज से मनपा की तिजोरी में 50 लाख जमा होंगे. * किन-किन बातों पर खर्च
मनपा की आमदनी के साथ बजट में खर्च का भी जिक्र खास तौर से किया गया था. सामान्य प्रशासन आस्थापना पर खर्च 115 करोड 96 लाख आंका गया है. वहीं पिछले वर्ष यह आंकडा 111 करोड 16 लाख रहने की जानकारी दी गई. उल्लेखनीय है कि, जनवरी से मनपा पर प्रशासक राज खत्म होकर जनप्रतिनिधि चुनकर आ गये हैं. मनपा की प्रमुख खर्च में 6 करोड 21 लाख का खर्च कर वसूली पर बताया गया है. पेंशन और अन्य अंशदान के रुप में 204 करोड 28 लाख के खर्च का प्रावधान किया गया है. जिसमें सुरक्षा प्रबंध, विद्या वेतन, निवृत्ति वेतन और उपदान का समावेश है. अग्निशमन विभाग पर 90 लाख का खर्च अंदाजित है. प्रकाश विभाग, विद्युत विभाग 24 करोड 98 लाख का खर्च हो सकता है. जलापूर्ति, कुओं की देखभाल, मरम्मत के लिए 1 करोड 20 लाख, स्वच्छता के लिए 22 करोड 67 लाख का प्रावधान होने की जानकारी सूत्रों ने अमरावती मंडल से शेयर की. इन आंकडों में बदलाव संभावित है. क्योंकि अभी स्थायी समिति आगामी मंगलवार को इस पर चर्चा कर अंतिम रुप देगी और उपरान्त इसे फाइनल कर आमसभा में रखा जाएगा.





