17 वर्षीय किशोरी की प्रेग्नेंसी रिपोर्ट पर बवाल

पालिका अस्पताल ने तीन बार बताया गर्भवती

* निजी जांच में रिपोर्ट निगेटिव, परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल, जांच शुरू
डोंबिवली/दि.12 – कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) के शास्त्रीनगर अस्पताल का कथित लापरवाह और विवादित कामकाज एक बार फिर चर्चा में है. अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराई गई 17 वर्षीय किशोरी की गर्भावस्था जांच को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. आरोप है कि अस्पताल ने अभिभावकों की अनुमति के बिना किशोरी की तीन बार प्रेग्नेंसी टेस्ट की और हर बार रिपोर्ट पॉजिटिव बताई, जबकि बाद में निजी अस्पताल में कराई गई जांच में रिपोर्ट निगेटिव आने का दावा परिजनों ने किया है. मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं.
जानकारी के अनुसार किशोरी की तबीयत खराब होने पर उसे डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उपचार के दौरान अस्पताल प्रशासन ने उसकी गर्भावस्था जांच कराई. परिजनों का आरोप है कि यह जांच उनकी जानकारी और अनुमति के बिना की गई. इतना ही नहीं, एक-दो नहीं बल्कि तीन बार जांच किए जाने के बाद अस्पताल की ओर से किशोरी को गर्भवती बताया गया. इस रिपोर्ट के बाद परिवार मानसिक तनाव में आ गया और उन्होंने निजी अस्पताल में दोबारा जांच कराई. परिवार का दावा है कि निजी अस्पताल की जांच में गर्भावस्था की रिपोर्ट पूरी तरह निगेटिव आई, जिससे शास्त्रीनगर अस्पताल की जांच प्रक्रिया और रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं.
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मामले की जांच की मांग की है. उनका कहना है कि एक नाबालिग लड़की को बिना अभिभावकों की सहमति के बार-बार इस प्रकार की जांच के लिए भेजना और फिर कथित रूप से गलत रिपोर्ट देना बेहद गंभीर मामला है. सूत्रों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका आयुक्त ने पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं. जांच में यह देखा जाएगा कि परीक्षण किस आधार पर किए गए, क्या आवश्यक चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था तथा रिपोर्ट में अंतर क्यों आया. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गलती कहां हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है.

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