कक्षा छठी के नए पाठ्यक्रम को मंजूरी

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार संरचना

* जून से होगा लागू
मुंबई/दि.6 – महाराष्ट्र की स्कूली शिक्षा प्रणाली में आमूलाग्र बदलाव लाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. कक्षा छठी के नए पाठ्यक्रम ढांचे को राज्य स्तरीय सुकाणू समिति ने हरी झंडी दे दी है. स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिससे आने वाले शैक्षणिक वर्ष से विद्यार्थियों को नए स्वरूप का ज्ञान मिलेगा.
राज्य में इससे पहले ही दूसरी, तीसरी और चौथी कक्षा के नए पाठ्यक्रम को मंजूरी दी जा चुकी थी. अब उसी तर्ज पर छठी का पाठ्यक्रम भी नए सिरे से तैयार किया गया है. इस बदलाव के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री दादा भुसे ने कहा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुसार इस पाठ्यक्रम की कठिनाई स्तर निर्धारित की गई है. विद्यार्थियों के केवल रटने के बजाय उनकी ’लर्निंग आउटकम्स’ पर यह ढांचा आधारित है, जिससे विद्यार्थियों की समझने की क्षमता बढ़ेगी.
* ‘बालभारती’ पर छपाई की जिम्मेदारी; किताबें समय पर मिलेंगी?
सुकाणू समिति की मंजूरी के बाद अब यह ढांचा पाठ्यक्रम समन्वय समिति के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. इसके बाद, नई पाठ्यपुस्तकों के निर्माण और छपाई की जिम्मेदारी ’बालभारती’ को सौंपी गई है. जून में शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन तक ये किताबें विद्यार्थियों के हाथों में पहुंचाने की योजना शिक्षा विभाग ने बनाई है.
* शिक्षकों को मिलेगा ’हाईटेक’ प्रशिक्षण
नए पाठ्यक्रम को कक्षा में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शिक्षकों का सशक्तिकरण किया जाएगा. इसके लिए ‘एससीईआरटी’ की ओर से पहले राज्य स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा. इसके बाद चरणबद्ध तरीके से जिला स्तर पर शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धति का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इससे शिक्षकों को नया पाठ्यक्रम विद्यार्थियों तक आसानी से पहुंचाने में मदद मिलेगी.

Back to top button