कुख्यात अपराधी आशीष मकेश्वर दो साल के लिए तड़ीपार

आदेश की तामील कर अकोला जिले की सिविल लाइन पुलिस के हवाले किया गया

अमरावती /दि.26- शहर में बार-बार अपराध करने वाले और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाए गए गुरुदेवनगर निवासी आशीष समाधान मकेश्वर (36) के खिलाफ अमरावती पुलिस आयुक्तालय ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है. पुलिस आयुक्त राकेश ओला के आदेश पर मकेश्वर को दो वर्ष के लिए अमरावती शहर और जिले से तड़ीपार किया गया है. आदेश की तामील 24 सितंबर को करते हुए उसे अकोला जिले के सिविल लाइन पुलिस थाना क्षेत्र में भेज दिया गया.
जानकारी के मुताबिक आशीष मकेश्वर के खिलाफ गाडगेनगर पुलिस थाने में गंभीर स्वरूप के कई अपराध दर्ज हैं. उसके खिलाफ अवैध रूप से समूह एकत्र कर जान से मारने का प्रयास, नुकसान पहुंचाना, गाली-गलौज, गंभीर चोट पहुंचाना, अभद्र व्यवहार, डकैती तथा जान से मारने की धमकी देने जैसे मामलों का रिकॉर्ड पुलिस के पास है. पुलिस का कहना है कि उसके खिलाफ समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई किए जाने के बावजूद उसकी आपराधिक गतिविधियों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ. उसके आपराधिक रिकॉर्ड की समीक्षा करने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ तड़ीपार कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार किया.

* वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से भेजा गया था प्रस्ताव
गाडगेनगर विभाग के सहायक पुलिस आयुक्त निलेश ब्राह्मणे ने पुलिस उप आयुक्त यशवंत सोलंके के माध्यम से आशीष मकेश्वर को अमरावती शहर एवं जिले की सीमा से बाहर करने का प्रस्ताव तैयार कर भेजा था. प्रस्ताव और उपलब्ध आपराधिक रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद 18 सितंबर को उसे दो वर्ष के लिए तड़ीपार करने का आदेश जारी किया गया. इसके बाद 24 सितंबर को आदेश की विधिवत तामील कराते हुए मकेश्वर को अमरावती पुलिस आयुक्तालय तथा अमरावती जिले की सीमा से बाहर कर पुलिस थाना सिविल लाइन, जिला अकोला क्षेत्र में भेज दिया गया.

* अपराधियों के रिकॉर्ड की होगी समीक्षा
पुलिस प्रशासन की ओर से बताया गया कि शहर में बार-बार अपराध करने वाले तथा आपराधिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों के रिकॉर्ड की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी. यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त राकेश ओला, पुलिस उपायुक्त यशवंत सोलंके तथा सहायक पुलिस आयुक्त निलेश ब्राह्मणे के मार्गदर्शन में गाडगेनगर के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ डी.बी. दल के जवानों ने की.

Back to top button