दिवाली से पहले 80 करोड़ रुपये का भुगतान करें

मनपा ठेकेदारों की पालकमंत्री से गुहार

* चार साल से विकास कार्यों के बिल लंबित
अमरावती/दि.30- अमरावती महानगरपालिका के ठेकेदारों के करीब 80 करोड़ रुपये के भुगतान का मामला अब सामने आया है. पिछले चार वर्षों में मनपा निधि से किए गए विभिन्न विकास कार्यों के बिल भुगतान के लिए लेखा विभाग में लंबित होने का दावा करते हुए अमरावती जिला ठेकेदार संघ ने पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से हस्तक्षेप की मांग की है. ठेकेदारों ने आग्रह किया है कि दिवाली से पहले उनका बकाया भुगतान कराया जाए.
ठेकेदार संघ के मुताबिक मनपा निधि से किए गए विकास कार्यों का करीब 80 करोड़ रुपये का भुगतान लेखा विभाग में लंबित है. इसके अलावा सरकारी निधि से किए गए कुछ कार्यों के बिल भी मनपा प्रशासन के स्तर पर अटके हुए हैं. संघ का दावा है कि कुछ ठेकेदारों के बिल सभी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने के बावजूद पिछले करीब तीन महीने से मनपा आयुक्त के हस्ताक्षर के लिए लंबित हैं.
* चार साल से भुगतान का इंतजार
पालकमंत्री को दिए गए निवेदन के अनुसार, 2022 से 2026 के दौरान मनपा निधि से स्वीकृत विभिन्न विकास कार्य ठेकेदारों ने पूरे किए. काम पूरा होने के बावजूद भुगतान नहीं होने से बकाया राशि लगातार बढ़ती गई और अब यह करीब 80 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. ठेकेदारों का कहना है कि निर्माण कार्यों के लिए सीमेंट, बजरी, लोहे और अन्य सामग्री की खरीद के साथ मजदूरों तथा आपूर्तिकर्ताओं का भुगतान करना पड़ता है. मनपा से समय पर राशि नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है. बाजार में भुगतान अटकने से ठेकेदारों की साख पर भी असर पड़ने का दावा संघ ने किया है.
* ‘तकनीकी प्रक्रिया पूरी, फिर बिल क्यों अटके?’
ठेकेदार संघ ने सवाल उठाया है कि यदि किसी विकास कार्य की तकनीकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और बिल भुगतान के लिए तैयार हैं, तो उन्हें लंबे समय तक हस्ताक्षर के लिए लंबित क्यों रखा जा रहा है. संघ के अनुसार, इस तरह भुगतान में देरी होने से ठेकेदारों के लिए नए विकास कार्यों को पूरा करना भी मुश्किल हो रहा है.
* संरक्षक मंत्री से की मुलाकात
ठेकेदार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं और मनपा प्रशासन को आवश्यक निर्देश देने की मांग की. प्रतिनिधिमंडल में संघ के अध्यक्ष सतीश परदेशी, सचिव संजय पिंपले, कोषाध्यक्ष उदय सेवक सहित अजय मोहोड़, दीपक गुहे, अजय थुल, मंगेश सराफ, राहुल प्रधान, नासिर जमाल, अब्दुल मोइन, धीरज मुधोलकर, गोपाल सूर्यवंशी, पंकज लुंगीकर समेत अन्य ठेकेदार शामिल थे.

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