यूपीआई शुल्क के प्रस्ताव से व्यापारियों में चिंता

कैट ने सरकार से व्यापारिक संगठनों के साथ चर्चा की मांग की

* संगठन मंत्री श्याम शर्मा ने अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डालने का आग्रह
अमरावती/दि.17– यूपीआई लेन-देन पर शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव को लेकर व्यापारियों में चिंता बढ़ रही है. कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी समन्वयक श्याम शर्मा ने बताया कि संगठन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि यूपीआई भुगतान पर किसी भी प्रकार का नया शुल्क लागू करने से पहले व्यापारियों के प्रतिनिधि संगठनों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाए. कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल के नेतृत्व में संगठन व्यापारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दे सरकार एवं संबंधित विभागों के समक्ष उठाता रहा है. इसी क्रम में यूपीआई शुल्क का मुद्दा भी सरकार के समक्ष रखा गया है.
कैट के राष्ट्रीय कार्यकारिणी समन्वयक श्याम शर्मा ने कहा कि यूपीआई वर्तमान में छोटे-बड़े व्यापारियों के लिए डिजिटल भुगतान का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है. बड़े बाजारों से लेकर छोटी दुकानों तक बड़ी संख्या में व्यापारी यूपीआई के माध्यम से भुगतान स्वीकार कर रहे हैं. ऐसे में यदि यूपीआई लेन-देन पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है, तो विशेष रूप से छोटे एवं मध्यम व्यापारियों की लागत पर इसका असर पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि किसी भी नए आर्थिक प्रावधान को लागू करने से पहले उसके संभावित प्रभावों पर व्यापारिक संगठनों के साथ चर्चा की जानी चाहिए. कैट ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था को सरल, सुरक्षित और किफायती बनाए रखने पर जोर दिया है, ताकि व्यापारियों और ग्राहकों दोनों के लिए डिजिटल लेन-देन सुगम बना रहे.
श्याम शर्मा के अनुसार, व्यापारियों के हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को सरकार तक पहुंचाना और उनके समाधान के लिए सकारात्मक संवाद कायम करना कैट की प्राथमिकता है. यूपीआई शुल्क के मुद्दे पर भी व्यापारियों की चिंताओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाता रहेगा.

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