हैदत्तपुर-वडाला टोल प्लाजा को स्थायी रूप से बंद करने की मांग को लेकर चक्काजाम

मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

* लोक विकास संगठन के नेतृत्व में किसानों, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों का प्रदर्शन
* अधूरे हाईवे पर टोल वसूली को बताया अन्याय
चांदूर बाजार/दि.20- हैदत्तपुर-वडाला टोल प्लाजा को स्थायी रूप से बंद करने अथवा टोल प्लाजा से 25 किमी के दायरे में रहने वाले सभी स्थानीय नागरिकों को स्थायी टोल छूट देने की मांग को लेकर लोक विकास संगठन के नेतृत्व में रविवार को हैदत्तपुर-वडाला टोल प्लाजा पर चक्काजाम आंदोलन किया गया. आंदोलन में किसानों, व्यापारियों, युवाओं, महिलाओं तथा आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर टोल वसूली के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया.
आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया. ज्ञापन में कहा गया कि संबंधित राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है. कई स्थानों पर सड़क और पुलों का निर्माण अधूरा है. ऐसी स्थिति में नागरिकों से टोल वसूली करना अन्यायपूर्ण है और आम लोगों पर आर्थिक बोझ डालने जैसा है. संगठन ने मांग की कि जब तक राजमार्ग का निर्माण पूरी तरह पूरा नहीं हो जाता, तब तक टोल वसूली तत्काल बंद की जाए. आंदोलन के कारण कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा. बाद में प्रशासन और टोल कंपनी के अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से चर्चा की, जिसके बाद टोल वसूली को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया. हालांकि, लोक विकास संगठन ने इसे अपर्याप्त बताते हुए अपनी मांगों पर कायम रहने की घोषणा की.
लोक विकास संगठन के संस्थापक अध्यक्ष गोपाल मधुकर भालेराव ने कहा कि अस्थायी रूप से टोल वसूली बंद करना आंदोलन की अंतिम जीत नहीं है. संगठन की स्पष्ट मांग है कि या तो टोल प्लाजा को हमेशा के लिए बंद किया जाए या फिर 25 किमी के दायरे के सभी स्थानीय नागरिकों को स्थायी टोल छूट दी जाए. जब तक सरकार लिखित रूप में इन मांगों को स्वीकार नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि केवल आश्वासन देकर जनता को गुमराह करने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा. यदि स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो भविष्य में और व्यापक तथा उग्र लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और संबंधित प्रशासन की होगी.
शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से संपन्न हुए इस आंदोलन ने एक बार फिर हैदत्तपुर-वडाला टोल प्लाजा पर टोल वसूली के खिलाफ स्थानीय लोगों के आक्रोश को सामने ला दिया. आंदोलन में गोपाल भालेराव, रमण लंगोटे, आकाश खेलदार, सुनील नेहटकर, पवन राऊत, इमरान सौदागर, आशीष इंगले, शुभम ठाकरे, विजय वानखेड़े, प्रफुल्ल आवारे, सूरज लंगोटे, सलमान सौदागर, नईम खान, सुनील धाकड़े, ओम चव्हाण, गिरीश वैद्य, प्रवीन बर्वे, शाम पारिसे, ऋषिकेश रडके, आशीष धाकड़े सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे.

* ज्ञापन में प्रमुख मांगें
हैदत्तपुर-वडाला टोल प्लाजा को स्थायी रूप से बंद किया जाए, राजमार्ग का निर्माण पूरा होने तक किसी भी प्रकार की टोल वसूली न की जाए, टोल प्लाजा से 25 किमी के दायरे में रहने वाले सभी स्थानीय नागरिकों को स्थायी टोल छूट दी जाए, अधूरी सड़क, अधूरे पुल और सुरक्षा संबंधी कमियां दूर होने तक टोल वसूली रोकी जाए, आम जनता के हित में सरकार तत्काल सकारात्मक निर्णय ले.

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