‘कोणार्क’ के खिलाफ उग्र हुए सफाई कर्मी
बकाया वेतन व आर्थिक लाभ मिलने को लेकर किया जबरदस्त प्रदर्शन

* महापौर व उपमहापौर के दालान के सामने सफाई कर्मियों ने जमकर की नारेबाजी
* कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर सफाई कर्मियों का बकाया वेतन व आर्थिक लाभ दिलाने की मांग
अमरावती/दि.14 – अमरावती शहर में साफसफाई, कचरा संकलन व कचरा ढुलाई का एकल व संयुक्त ठेका प्राप्त रहनेवाली कोणार्क कंपनी के खिलाफ आज शहर के सभी झोन के सफाई कर्मचारियों और कामगारों ने बेहद उग्र प्रदर्शन किया. साथ ही कामबंद आंदोलन करते हुए मनपा मुख्यालय पहुंचकर महापौर श्रीचंद तेजवानी व उपमहापौर सचिन भेंडे के दालानों के सामने कोणार्क कंपनी के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी की. इस समय प्रदर्शनकारी सफाई कर्मियों ने आरोप लगाया कि, कोणार्क कंपनी द्वारा उन्हें नियमित तौर पर वेतन नहीं दिया जा रहा और उनका करीब 3 से 4 माह का वेतन बकाया है. साथ ही उनके वेतन से कटौति की जानेवाली रकम को नियमित तौर पर ईपीएफ व ईएसआयसी में नहीं भरा जा रहा. ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने के साथ ही सफाई कर्मी व कामगारों का आर्थिक शोषण करनेवाली कोणार्क कंपनी को तत्काल ब्लैकलिस्ट करते हुए सफाई कामगारों को उनका बकाया वेतन व आर्थिक लाभ दिलाया जाए. इस समय सफाई कामगारों द्वारा कोणार्क कंपनी के खिलाफ की गई नारेबाजी से पूरा मनपा मुख्यालय परिसर जमकर गुंज रहा था.
बता दे कि, कोणार्क कंपनी के खिलाफ किए जानेवाले इस आंदोलन हेतु शहर के सभी झोन के सफाई कामगार आज सुबह से ही मनपा मुख्यालय के पास राजकमल चौक परिसर में इकट्टा होने शुरू हो गए. इसके बाद सभी सफाई कामगार एक मोर्चे की शक्ल में मनपा मुख्यालय पहुंचे और उपमहापौर सचिन भेंडे के कक्ष के बाहर बैठकर ठिय्या आंदोलन करने लगे. इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे युवा स्वाभिमान पार्टी की मागासवर्गीय सेल के शहराध्यक्ष संजय माहुरकर ने उपमहापौर सचिन भेंडे के नाम सफाई कामगारों की ओर से एक ज्ञापन भी सौंपा. इसमें सफाई कामगारों की विभिन्न मांगोंं का उल्लेख करने के साथ-साथ कोणार्क कंपनी द्वारा किए जा रहे नियमों का उल्लंघन की ओर मनपा प्रशासन का ध्यान दिलाया गया.
सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि, सफाई कामगारों को नियमानुसार वेतन नहीं देने और उनके आर्थिक लाभों का गबन करने के साथ ही कोणार्क कंपनी द्वारा ठेका करार के नियमों व शर्तों का उल्लंघन करने के साथ ही मनपा के साथ भी धोखाधडी की जा रही है. ऐसे में कोणार्क कंपनी को तुरंत ही ब्लैकलिस्ट करते हुए अमरावती मनपा से बाहर किया जाना चाहिए. इस समय सफाई कामगारों ने आरोप लगाया कि, कोणार्क कंपनी द्वारा उन्हें विगत करीब 3-4 माह से कोई वेतन नहीं दिया गया. साथ ही नियमानुसार निर्धारित संख्या में कामगारों की नियुक्ती करने की बजाए उससे कम संख्या में कामगार नियुक्त करते हुए उपलब्ध सफाई कामगारों से ही साफसफाई के अतिरिक्त काम कराए जा रहे है और काम की एवज में वेतन व आर्थिक लाभ भी नहीं दिया जा रहा.
इस समय युवा स्वाभिमान पार्टी की मागासवर्गीय सेल के शहराध्यक्ष संजय माहुरकर एवं सफाई कामगारों द्वारा यह आरोप भी लगाया गया कि कोणार्क कंपनी द्वारा सफाई कामगारों के स्वास्थ्य व सुरक्षा को लेकर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा तथा सफाई कामगारों को हैंडग्लव्ज, गमबुट, पीपीई किट व फेस मास्क जैसे रक्षात्मक साधन भी नहीं उपलब्ध कराए गए. जिसके चलते सफाई कामगारों को अपनी जान जोखिम में डालकर काम करना पड रहा है. इस बात की ओर मनपा प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा.
उपमहापौर सचिन भेंडे के दालान के समक्ष प्रदर्शन करने के साथ ही सफाई कामगारों ने महापौर श्रीचंद तेजवानी तथा स्थायी समिती सभापति अविनाश मार्डीकर के दालानों के सामने भी कोणार्क कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और खुद को अपना बकाया वेतन व आर्थिक लाभ मिलने की मांग उठाते हुए कोणार्क कंपनी को ब्लैकलिस्ट किए जाने की मांग भी उठाई.

सफाई कर्मियों ने कलेक्ट्रेट पर भी किया प्रदर्शन, जिलाधिश को सौंपा ज्ञापन
इसके साथ ही कोणार्क कंपनी के खिलाफ लामबंद होत हुए अमरावती म्युनिसिपल कामगार युनियन के एक प्रतिनिधि मंडल ने आज कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर प्रदर्शन करने के साथ ही जिलाधिश के नाम ज्ञापन सौंपा. इस समय प्रतिनिधि मंडल द्वारा आरोप लगाया गया कि, कोणार्क कंपनी की ओर से ठेका करार की शर्तों का उल्लंघन करने के साथ-साथ कामगार कानून के प्रावधानों का भी उल्लंघन किया जा रहा है. ऐसे में जब तक कोणार्क कंपनी के लिए काम करनेवाले सफाई कामगारों एवं वाहन चालकों को उनका बकाया वेतन व आर्थिक लाभ नहीं मिलता है, तब तक अमरावती म्युनिसिपल कामगार युनियन द्वारा कामबंद आंदोलन करने का निर्णय लिया गया. इस दौरान शहर में कचरे व गंदगी को लेकर पैदा होनेवाली समस्या व दिक्कत के लिए पूरी तरह से कोणार्क कंपनी व मनपा प्रशासन जिम्मेदार रहेंगेे.
इस धरना प्रदर्शन और कामबंद आंदोलन में अमरावती मनपा कामगार युनियन के अध्यक्ष नारायण चव्हाण, मुख्य सचिव सुनिल घटाले, कोषाध्यक्ष प्रमोद गायकवाड तथा सदस्य राजेश चावरे, जाकिरभाई, मजिबभाई, राजु आहाके, अजिजभाई, मो. आरिफ, शुभम भजगोरे, सतिश वानखडे व मो. इमरान सहित अनेकों सफाई कामगारों व वाहन चालकों द्ारा हिस्सा लिया गया.





