अकोला पश्चिम विधानसभा चुनाव विवाद में हाईकोर्ट का बड़ा आदेश

मतदान के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के निर्देश, 31 को अगली सुनवाई

* डबल वोटिंग के आरोपों को गंभीर मानते हुए चुनाव याचिका खारिज करने से किया इनकार
नागपुर/दि.14- बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने वर्ष 2024 के अकोला पश्चिम विधानसभा चुनाव को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका पर सुनवाई करते हुए अकोला के जिला निर्वाचन अधिकारी को चुनाव से संबंधित सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है. अदालत ने डबल वोटिंग के आरोपों को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए मामले की सुनवाई जारी रखने का निर्णय लिया है. न्यायमूर्ति अनिल एल. पांसरे की एकलपीठ ने यह आदेश उस चुनाव याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें भाजपा उम्मीदवार विजय कमलकिशोर अग्रवाल ने कांग्रेस विधायक साजिद खान पठान के निर्वाचन को चुनौती दी है.
बता दे कि, विधानसभा चुनाव 2024 में अकोला पश्चिम सीट पर कांग्रेस के साजिद खान पठान ने 88,718 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की थी. उन्होंने भाजपा उम्मीदवार विजय अग्रवाल को मात्र 1,283 मतों के अंतर से पराजित किया था. चुनाव परिणाम के बाद विजय अग्रवाल ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर कर मतदान प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया. याचिका क्रमांक 5/2025 में दावा किया गया है कि कम से कम 1,125 मतदाताओं के नाम और फोटो अकोला पश्चिम तथा बालापुर विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में दर्ज थे. आरोप है कि इन मतदाताओं ने 20 नवंबर 2024 को दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान किया. याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि 3,614 मतदाताओं ने एक ही दिन दो बार मतदान किया. याचिकाकर्ता का कहना है कि यह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों का उल्लंघन है और इससे चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकता है.
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि चुनावी रिकॉर्ड और मतदान से जुड़े दस्तावेज इस विवाद के निपटारे के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं. इसलिए जिला निर्वाचन अधिकारी को सभी चुनावी अभिलेख सुरक्षित रखने संबंधी अंतरिम आदेश जारी रखा गया है. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में लगाए गए आरोपों की जांच सुनवाई के दौरान की जानी आवश्यक है. ऐसे में प्रारंभिक स्तर पर याचिका को खारिज नहीं किया जा सकता.
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता मतदाता सूची की वैधता को चुनौती नहीं दे रहा है. उसका मुख्य आरोप यह है कि कुछ मतदाताओं ने दो अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान किया, जो चुनावी कानूनों के तहत गंभीर विषय है और इसकी विस्तृत जांच की आवश्यकता है. अदालत ने कांग्रेस विधायक साजिद खान पठान की ओर से चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर खारिज करने के लिए दायर सिविल आवेदन क्रमांक 658/2025 को अस्वीकार कर दिया. इसके साथ ही मामले की सुनवाई आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है.
हाईकोर्ट ने मामले में मुद्दे तय करने के लिए अगली सुनवाई 31 जुलाई को निर्धारित की है. इस दौरान अदालत यह तय करेगी कि किन बिंदुओं पर विस्तृत साक्ष्य और सुनवाई की जाएगी. मामले में विधायक साजिद खान पठान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जे. टी. गिल्डा ने पैरवी की, जबकि याचिकाकर्ता विजय अग्रवाल की ओर से अधिवक्ता रोहन वी. मालवीय और एच. वी. ठाकुर ने पक्ष रखा.
हाईकोर्ट के इस आदेश से स्पष्ट संकेत मिला है कि चुनाव प्रक्रिया में कथित डबल वोटिंग जैसे आरोपों को अदालत गंभीरता से ले रही है. रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश और याचिका खारिज करने से इनकार यह दर्शाता है कि अदालत तथ्यों की गहराई से जांच कर चुनाव परिणामों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का परीक्षण करेगी.

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