अब अमरावती में शालेय विद्यार्थियों को 6 दिन 6 प्रकार का आहार, क्वॉलिटी होगी बढिया
शालाओं के आसपास जंक फूड नहीं बिकेगा

* अमरावती में 1700 शालाओं के किए एफडीए लाइसेंस हेतु आवेदन
* मिड-डे मील के लिए भी पूरी खटपट और जांच
अमरावती/दि.25 – फूड व ड्रग विभाग के राज्य आयुक्त तुकाराम मुंढे की सख्ती के कारण शालाओं में मिलनेवाला मिड-डे आहार अब बहुत ही गुणवत्तापूर्ण होने वाला है. अमरावती जिले की बात करें, तो एफडीए के लाइसेंस हेतु अब तक 1700 शालाओं ने आवेदन कर दिए हैं. कुछ ही दिनों में यह आंकडा 2 हजार के पार होने की पूरी संभावना अधिकृत सूत्रों ने व्यक्त की और बताया कि, जिन शालाओं में दोपहर का भोजन दिया जाता है, वहां एफडीए लाइसेंस रहने से क्वॉलिटी का पूरा ध्यान रखना होगा. उसी प्रकार 6 दिन 6 प्रकार के आहार दिए जाएंगे. क्वॉलिटी ऐसी होगी कि क्या कहना!
* 50 मीटर तक नहीं जंक फूड
बता दें कि, अन्न और औषधि विभाग के आयुक्त के निर्देशों के कारण शालाओं के आसपास 50 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के जंक फूड की विक्री प्रतिबंधित की गई है. अमरावती एफडीए के अधिकारियों ने अमरावती मंडल को बताया कि, इस बारे में कार्रवाई के लिए बाकायदा प्रशिक्षण शिविर लिया गया. जिससे जिले के सभी शालाओं के आसपास अब प्रतिबंधित जंक फूड की विक्री कदापी नहीं होने दी जाएगी.
* खिचडी होगी लजीज और क्वॉलिटी
अधिकारियों ने बताया कि, विद्यार्थियों को दिए जाते पोषाहार को नाम के अनुरुप पोषक और स्वादिष्ट बनाने के साथ उसकी क्वॉलिटी पर हर समय नजर रहेगी. इतना ही नहीं तो अधिकारी स्वयं चेक करेंगे और 6 दिन 6 प्रकार के आहार मिलेंगे. जिसमें मुंग, सोयाबीन और अन्य पौष्टिक चीजों पर जोर रहेगा. शालाओं के अधिकारियों और अध्यापकों पर क्वॉलिटी व अन्य बातों की जिम्मेदारी रहेगी. उसी प्रकार शालाओं के लिए एफडीए का परवाना अनिवार्य किया गया है. परवाना मिलने से शालाओं पर एफडीए का बंधन निश्चित ही बढ जाएगा.
* 1700 शालाओं के आवेदन प्राप्त
अन्न व औषध प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने अमरावती मंडल को बताया कि, पोषाहार की व्यवस्था शालाओं में होती है. इसलिए एफडीए का लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है. अब तक 1700 शालाओं के एफडीए परवाना के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं. आगे यह संख्या दो हजार को पार कर सकती है. एफडीए अफसरान इस बारे में संपूर्ण पडताल के बाद लाइसेंस इश्यू करेंगे. शालाओं की कैंटींन की जांच जिम्मेदारी के साथ ही 50 मीटर के दायरे में कोई दुकान या स्टॉल पर जंक फूड न बेचे जाने की जिम्मेदारी भी स्कूल प्रबंधन पर होने की जानकारी दी गई.





