नौकरी दिलाने के नाम पर सात लाख की ठगी
लैब असिस्टेंट पद दिलाने का झांसा

* महिला समेत दो के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज
अमरावती/दि.7- शहर के एक डेंटल कॉलेज में लैब असिस्टेंट की नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक सेवानिवृत्त महिला से सात लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है. इस प्रकरण में फ्रेजरपुरा पुलिस ने एक महिला सहित गजेश उर्फ गजानन वसंत देशमुख (42) के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है.
जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता महिला करीब दस वर्ष पहले जिला सामान्य अस्पताल से मेड के पद से सेवानिवृत्त हुई थी. उसका बेटा नौकरी की तलाश में था. इसी दौरान उसके घर के सामने रहने वाली संदिग्ध महिला ने उसे डेंटल कॉलेज में लैब असिस्टेंट के पद पर बेटे को नौकरी दिलाने का भरोसा दिया. बताया गया है कि संदिग्ध महिला स्वयं भी एक डेंटल कॉलेज में क्लर्क के रूप में कार्यरत है. नौकरी लगवाने के नाम पर शिकायतकर्ता ने 10 अप्रैल 2023 को अपने बैंक खाते से दो लाख रुपये का चेक तथा 27 अप्रैल को महाराष्ट्र बैंक से चार लाख रुपये का चेक संदिग्ध महिला को दिया. इसके बाद 7 अगस्त 2023 को एक लाख रुपये का और चेक दिया गया. इस तरह महिला ने कुल सात लाख रुपये दिए.
शिकायत के मुताबिक, संदिग्ध महिला ने उसे गजेश उर्फ गजानन देशमुख से भी मिलवाया और दोनों ने बेटे की नौकरी लगने का भरोसा दिलाया. रकम देने के बाद जब शिकायतकर्ता ने नौकरी और नियुक्ति पत्र के संबंध में पूछताछ की तो दोनों आरोपी टालमटोल करने लगे. गजेश देशमुख ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए नियुक्ति पत्र जारी नहीं होने की बात कही. इसके बाद आरोपियों ने बेटे को 20 नवंबर 2023 को नौकरी ज्वाइन करने की जानकारी दी. निर्धारित तारीख पर संपर्क करने पर फिर उसे 21 मई को ज्वाइन करने के लिए कहा गया. इसके बाद दोनों ने शिकायतकर्ता और उसके बेटे के फोन उठाना बंद कर दिया. मामला संदिग्ध लगने पर शिकायतकर्ता स्वयं संबंधित डेंटल कॉलेज पहुंची और नौकरी के संबंध में जानकारी ली. वहां उसे पता चला कि कॉलेज में ऐसा कोई रिक्त पद ही नहीं था और न ही उसके बेटे को किसी प्रकार का नियुक्ति पत्र जारी किया गया था. इसके बाद सेवानिवृत्त महिला ने फ्रेजरपुरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने महिला और गजेश उर्फ गजानन देशमुख के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.





