बड़े भाई ने छोटे भाई को उतारा मौत के घाट

वह’ पति के अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच पहुंची और खुल गया हत्या का राज!

* पैसे और शराब के विवाद में बेरहमी से पीटा, लाठी-डंडे से किए वार
* छत से गिरने का बनाया बहाना, पति के शरीर पर चोट के निशान देखते ही पत्नी पहुंची पुलिस के पास
* पुलिस ने अंतिम संस्कार रूकवाया, शव कब्जे में लेकर कराया पोस्टमार्टम
* छोटे भाई की हत्या के मामले में बडा भाई गजानन काले गिरफ्तार, पुछताछ जारी
वरुड़ /दि.7- वरुड़ शहर के पार्डी चौक से सटे हनुमाननगर-पार्डी बोरांग परिसर में एक मामूली विवाद ने दो सगे भाइयों के रिश्ते को खून से रंग दिया. शराब पीने के लिए पैसों को लेकर हुए विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई की बेरहमी से पिटाई कर दी. लाठी, लात-घूंसों और लोहे की सलाई से किए गए हमले में गंभीर रूप से घायल मोहन अनिल काले (34) की मौत हो गई. इसके बाद मौत को दुर्घटना का रूप देने के लिए उसके छत से गिरने का कथित बहाना बनाया गया और शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी शुरू कर दी गई. शव को गुलाल तक लगा दिया गया था तथा अंतिम यात्रा की तैयारी पूरी होने को थी. लेकिन इसी दौरान मृतक की पत्नी काजल मोहन काले (30) यवतमाल से वरुड़ पहुंचीं. पति के शरीर पर मारपीट के स्पष्ट निशान देखकर उन्हें संदेह हुआ. उन्होंने बिना देर किए वरुड़ पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. पत्नी के संदेह और शिकायत के बाद पुलिस ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया, शव को कब्जे में लेकर ग्रामीण अस्पताल भेजा और पोस्टमार्टम कराया. इसके बाद मोहन की मौत के पीछे मारपीट का मामला सामने आया. पुलिस ने मृतक के बड़े भाई गजेंद्र उर्फ गजानन अनिल काले (38) के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया.
जानकारी के अनुसार, गजानन और मोहन दोनों सगे भाई थे और परिवार के साथ पार्डी चौक क्षेत्र में रहते थे. दोनों को शराब की लत होने के कारण घर में पैसों को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था. इसी शराब की लत और पैसों के विवाद ने आखिरकार एक भाई की जान ले ली. शनिवार, 5 सितंबर को दोपहर के समय भी दोनों भाइयों के बीच पैसों को लेकर विवाद शुरू हुआ. विवाद बढ़ने पर मोहन द्वारा बड़े भाई को गाली देने की बात सामने आई है. इससे गजानन का गुस्सा भड़क उठा और उसने मोहन के साथ मारपीट शुरू कर दी. विवाद के दौरान गजानन ने मोहन को खींचकर घर के एक कमरे में ले जाकर कथित रूप से बंद कर दिया. इसके बाद उसने कमरे में पड़ी लोहे की मोटी सलाई उठाई और मोहन के सिर तथा शरीर पर लगातार वार किए. इसके अलावा लाठी तथा लात-घूंसों से भी उसकी बेरहमी से पिटाई की गई. हमले में मोहन गंभीर रूप से घायल होकर खून से लथपथ हो गया. उसकी हालत गंभीर होने पर उसे तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, हालत बेहद नाजुक होने के कारण वहां समुचित उपचार नहीं हो सका. इसके बाद उसे वापस घर लाया गया.
जानकारी के मुताबिक, गंभीर रूप से घायल मोहन की हालत लगातार बिगड़ती गई. देर रात उसने घर में ही दम तोड़ दिया. सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि मोहन की मौत के बाद भी आरोपी ने पुलिस को घटना की जानकारी नहीं दी. इसके बजाय मौत की असली वजह छिपाने के लिए उसके छत से गिरने की कहानी बताई गई. शनिवार रात करीब 8 बजे मोहन का शव ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, जहां कथित रूप से छत से गिरने की बात बताकर पोस्टमार्टम नहीं कराया गया और शव को वापस घर ले आया गया.
रविवार को परिवार और रिश्तेदारों ने मोहन के अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी. शव को गुलाल लगाया गया और अंतिम यात्रा की तैयारियां चल रही थीं. लगभग पूरा घटनाक्रम इस दिशा में बढ़ रहा था कि मोहन की मौत को दुर्घटना मानकर अंतिम संस्कार कर दिया जाए. लेकिन तभी कहानी में बड़ा मोड़ आया. जब यवतमाल से पति के अंतिम संस्कार हेतु वरूड पहुंची पत्नी ने अपने पति के शरीर पर चोट के निशान देखे और संदेह होने पर वह सीधे पुलिस थाने पहुंची. पता चला है कि, मोहन की पत्नी काजल पिछले करीब दो वर्षों से मायके में रह रही थीं. उन्हें पति की मौत की जानकारी मिलने के बाद वह रविवार को यवतमाल से वरुड़ पहुंचीं. दोपहर करीब 1.30 बजे जब उन्होंने पति का शव देखा तो शरीर पर मौजूद चोटों के निशान देखकर उन्हें संदेह हुआ. छत से गिरने की बात और शरीर पर दिखाई दे रहे चोटों के निशान में उन्हें विरोधाभास नजर आया. उन्होंने किसी दबाव में आए बिना सीधे वरुड़ पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और पति की मौत की जांच की मांग की.
काजल की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए वरुड़ पुलिस तत्काल हरकत में आई. थानेदार अशोक जाधव, पीएसआई प्रवीण कराड तथा पुलिसकर्मी मनोज वानखड़े और आकाश आमले घटनास्थल पर पहुंचे. उस समय अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी. पुलिस ने तत्काल अंतिम संस्कार रुकवाया और शव को अपने कब्जे में ले लिया. दोपहर करीब 4.30 बजे शव को ग्रामीण अस्पताल लाकर पोस्टमार्टम कराया गया. पोस्टमार्टम और शरीर पर मौजूद चोटों के आधार पर पुलिस का संदेह गहराता गया और मामले की जांच हत्या की दिशा में शुरू हुई.
पूछताछ के दौरान आरोपी गजानन ने पुलिस को विवाद के पीछे अलग-अलग कारणों की जानकारी दी. उसने बताया कि भोजन की थाली पर पैर मारने को लेकर भी दोनों भाइयों के बीच विवाद हुआ था. इसके अलावा दो दिन पहले कुटार जलाने की घटना को लेकर भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था. हालांकि, पुलिस अब इन सभी दावों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वास्तविक विवाद किस बात से शुरू हुआ तथा किस परिस्थिति में मारपीट इतनी गंभीर हो गई कि मोहन की जान चली गई.
* रात 9.30 बजे आरोपी भाई गिरफ्तार
पोस्टमार्टम और प्राथमिक जांच के बाद वरुड़ पुलिस ने मृतक की पत्नी काजल मोहन काले की शिकायत के आधार पर गजेंद्र उर्फ गजानन अनिल काले (38) के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया. रविवार रात करीब 9.30 बजे पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अब आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर रही है. पैसों और शराब को लेकर शुरू हुए विवाद की वास्तविक वजह, मारपीट के दौरान इस्तेमाल किए गए हथियार, घटना के बाद मौत को दुर्घटना बताने के प्रयास तथा अंतिम संस्कार की तैयारी किए जाने जैसे सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.

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