किसी की रोजी-रोटी को नुकसान पहुंचानेवाले बयान न दिए जाए
मुुंढे के सावजी वाले बयान पर बोले मंत्री बावनकुले

मुंबई /दि.7- प्रत्येक समाज व समुदाय की अपनी अलग भोजन व रसोई पद्धती होती है. जिसके तहत सावजी समाज की भी एक अलग भोजन व रसोई पद्धती है तथा सावजी मसाले व सावजी भोजनालय पूरे विश्व में विख्यात है. साथ ही विदर्भ में कई स्थानों पर सावजी समाज की तीन-चार पीढियों द्वारा सावजी भोजनालयों का संचालन किया जा रहा है. ऐसे में किसी ने भी ऐसा कोई बयान नहीं देना चाहिए, जिससे किसी की रोजी-रोटी को नुकसान हो. इस आशय का प्रतिपादन राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले द्वारा किया गया.
बता दे कि, हाल ही मेंं अमरावती के दौरे पर रहते समय राज्य के एफडीआय आयुक्त तुकाराम मुंढे ने सावजी मसालों से तैयार होनेवाले भोजन को लेकर एक बयान दिया था. जिसके चलते सावजी समाज में अच्छा-खासा रोष व्याप्त हो गया था और समाज बंधुओं द्वारा मुंढे के बयान का निषेध भी किया गया. इसे लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने उपरोक्त प्रतिपादन करने के साथ ही एक तरह से एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंंढे के बयान को लेकर अपनी असहमती व नाराजगी ही जताई.
बता दे कि, विदर्भ के अन्य जिलों की तुलना में नागपुर में सावजी समाज की अच्छी-खासी संख्या है तथा सावजी समाज बंधुओं द्वारा अमूमन सावजी भोजनालयों का संचालन किया जाता है. साथ ही सावजी पद्धती से भोजन तैयार करने हेतु कुछ विशिष्ठ मसालों का प्रयोग किया जाता है. जिन्हें सावजी मसाला कहा जाता है, जो अन्य मसालों की तुलना में स्वाद के लिहाज से कुछ ज्यादा तेज होता है. साथ ही सावजी पद्धती से तैयार होनेवाले सामिष व निरामिष यानी मांसाहारी व शाकाहारी व्यंजनों में तेल का प्रयोग भी कुछ हद तक अधिक रहता है. जिसे लेकर विगत दिनों अमरावती के दौरे पर रहते समय एफडीए आयुक्त तुकाराम मुुंढे ने कहा था कि, अगर उन जैसा व्यक्ती एक बार सावजी भोजन कर ले, तो अगले एक महिने के लिए बीमार पड जाएगा. मुंढे के इसी बयान को लेकर इस समय पूरे राज्य में हंगामा मचा हुआ है. जिस पर अपनी ओर से स्पष्टीकरण देते हुए मुंढे ने मीडिया के समक्ष यह भी कहा कि, उन्होंने सावजी भोजन को लेकर कोई बात या टिप्पणी नहीं की. बल्कि उन्होंने खुद अपने आपको लेकर कहा था कि, मुझ जैसे व्यक्ती के लिए सावजी भोजन ठीक नहीं है. लेकिन उनके द्वारा कही गई बात का गलत अर्थ निकाला गया.
वहीं अब इस पूरे मामले को लेकर मीडिया द्वारा पुछे गए सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के राजस्व मंत्री व नागपुर के जिला पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि, विदर्भ विशेषकर नागपुर में सावजी समाज बंधुओं द्वारा विगत तीन-चार पीढियों से सावजी भोजनालय संचालित किए जा रहे है और उनकी रोजी-रोटी इन्हीं भोजनालयों पर निर्भर करती है. इसके अलावा अब सावजी मसालों की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुकी है. जिसके चलते सावजी मसाले भी दुनिया के कई देशों में निर्यात होते है. यह भी अपने आप में एक काफी बडा व्यवसाय है. ऐसे में इसे लेकर किसी भी तरह की टिप्पणी करना ठीक नहीं है और इसी को नाहक ही बली का बकरा भी नहीं बनाया जाना चाहिए. मंत्री बावनकुले का यह भी कहना रहा कि, किसी का व्यवसाय बंद हो जाए या उसे नुकसान पहुंचे ऐसे बयान किसी भी अधिकारी ने नहीं देने चाहिए.





