शक्कर की जमाखोरी पर रोक के लिए स्टॉक लिमिट लागू
व्यापारियों के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

* 4 हजार क्विंटल से अधिक स्टॉक रखने पर प्रतिबंध
अमरावती/दि.22- बाजार में शक्कर की कीमतों को नियंत्रित करने और संभावित कमी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने शक्कर व्यापारियों और डीलरों पर स्टॉक लिमिट लागू कर दी है. यह व्यवस्था 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी. इसके तहत जिले में किसी भी शक्कर व्यापारी या डीलर को अधिकतम 4 हजार क्विंटल शक्कर का भंडारण करने की अनुमति होगी. साथ ही, उपलब्ध स्टॉक को 30 दिनों के भीतर बेचने के निर्देश दिए गए हैं.
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है. जिले के सभी थोक और खुदरा शक्कर व्यापारियों के लिए सेंट्रल फूडग्रेन्स पोर्टल पर पंजीयन कराना अनिवार्य किया गया है. व्यापारियों को प्रत्येक शुक्रवार को पोर्टल पर अपने शक्कर स्टॉक की जानकारी अपडेट करनी होगी.
* स्टॉक छिपाने पर होगी कार्रवाई
सरकारी अनाज भंडार तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली की उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरण के लिए रखे गए शक्कर स्टॉक को इस स्टॉक लिमिट से छूट दी गई है. हालांकि, निजी व्यापारियों द्वारा स्टॉक छिपाने अथवा पोर्टल पर गलत जानकारी देने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी. जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग को इन नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन द्वारा समय-समय पर व्यापारियों के वास्तविक स्टॉक की जांच भी की जाएगी. शक्कर की जमाखोरी रोकने के लिए क्षेत्रीय अधिकारियों को निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं.
* लाइसेंस और स्टॉक अपडेट रखना जरूरी
जिला आपूर्ति अधिकारी प्रज्वल पाथरे ने बताया कि शक्कर की जमाखोरी रोकने के लिए क्षेत्रीय कार्यालयों को निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं. व्यापारियों को पोर्टल पर पंजीयन कराने के साथ ही अपने लाइसेंस और स्टॉक की जानकारी नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए गए हैं.
* राशन दुकानों के स्टॉक को छूट
सरकारी स्टॉक और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन दुकानों में वितरण के लिए रखी गई शक्कर को स्टॉक लिमिट के नियम से छूट दी गई है. इससे राशन दुकानों के माध्यम से उपभोक्ताओं को शक्कर की आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी. केंद्र सरकार के इस फैसले से बाजार में शक्कर की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है. खासकर आगामी त्यौहारों के दौरान जमाखोरी पर अंकुश लगाकर शक्कर की कीमतों को नियंत्रण में रखने में यह व्यवस्था मददगार साबित हो सकती है.





