आत्महत्या प्रभावित किसान परिवारों के विद्यार्थी पुणे शैक्षणिक पुनर्वास केंद्र के लिए रवाना
भारतीय जैन संगठना की प्रशंसनीय पहल

* बडी संख्या में अभिभावक व समाजबंधु रहे उपस्थित
अमरावती/दि.15- आत्महत्या प्रभावित किसान परिवारों के बच्चों के शैक्षणिक पुनर्वास के लिए कार्यरत भारतीय जैन संगठना द्वारा एक बार फिर सराहनीय पहल की गई है. संगठन की ओर से अमरावती जिले के उन किसान परिवारों के विद्यार्थियों को पुणे स्थित वाघोली पुनर्वास परियोजना में प्रवेश दिलाया गया है, जिनके परिवारों में पिछले दो वर्षों के दौरान आत्महत्या की घटनाएं हुई थीं.
नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 15 जून से होने जा रही है. इसके तहत विद्यार्थियों को पुणे रवाना करने से पूर्व अमरावती के जैन छात्रालय परिसर में विदाई समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक और समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे. समारोह में अमरावती के महापौर श्रीचंद तेजवानी सहित भारतीय जैन संघटना के कई पदाधिकारी एवं ट्रस्टी उपस्थित रहे. इस दौरान वक्ताओं ने विद्यार्थियों को शिक्षा के माध्यम से उज्ज्वल भविष्य निर्माण करने का संदेश देते हुए शुभकामनाएं दीं. उपस्थित मान्यवरों ने कहा कि भारतीय जैन संघटना का यह उपक्रम ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए उम्मीद की नई किरण साबित हो रहा है. इस परियोजना के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और सर्वांगीण विकास के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
विद्यार्थियों की चयन प्रक्रिया, संबंधित परिवारों से संपर्क और आवश्यक सहमति प्राप्त करने के लिए संगठन के समन्वयक प्रताप ब्राह्मणवाडे, नितीन जाधव और सौ. जाधव ने विशेष प्रयास किए. कार्यक्रम का नियोजन एवं संचालन प्रदीप जैन के मार्गदर्शन में किया गया. भारतीय जैन संघटना, अमरावती के अध्यक्ष शुभम जैन तथा सभी पदाधिकारियों के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. कार्यक्रम का संचालन नितेश जैन ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन शुभम जैन ने किया. आत्महत्या प्रभावित किसान परिवारों के विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य को नई दिशा देने वाला यह उपक्रम समाज के सामने एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभर रहा है.





