जिला परिषद चुनाव की तस्वीर 11 अगस्त को होगी साफ

ओबीसी आरक्षण घटकर 6 सीटों तक सीमित रहने की संभावना

अमरावती/दि.4- महाराष्ट्र में लंबे समय से लंबित जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को लेकर अब उम्मीदें तेज हो गई हैं. राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में चुनाव कराने के प्रति सकारात्मक रुख अपनाया है. सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग ने अदालत को बताया है कि वे दिसंबर-जनवरी में चुनाव कराने के लिए तैयार हैं. हालांकि, चुनाव की दिशा में अगला महत्वपूर्ण फैसला 11 अगस्त को होने वाली सुनवाई के बाद सामने आने की संभावना है.
सुप्रीम कोर्ट में हुई पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार से अगस्त या सितंबर में चुनाव कराने को लेकर सवाल उठाए थे. राज्य सरकार ने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण और मानसून का हवाला देते हुए अतिरिक्त समय मांगा है. इस पर अंतिम स्थिति 11 अगस्त की सुनवाई के बाद स्पष्ट होगी. लंबित स्थानीय निकायों में अमरावती जिला परिषद और जिले की 14 पंचायत समितियां भी शामिल हैं.

* ओबीसी आरक्षण में बड़ी कमी की संभावना
यदि स्थानीय निकायों में कुल आरक्षण 50 प्रतिशत की संवैधानिक सीमा के भीतर तय किया जाता है, तो अमरावती जिला परिषद में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीटों की संख्या में बड़ी कमी आ सकती है.

* वर्तमान में जिप की स्थिति
वर्तमान संभावित व्यवस्था के अनुसार 59 सदस्यीय अमरावती जिला परिषद में सामान्य वर्ग 30 सीटें, अनुसूचित जाति 11 सीटें, अनुसूचित जनजाति 12 सीटें और अन्य पिछड़ा वर्ग की 6 सीटें है. बताया जा रहा है कि वर्ष 2017 के चुनाव में ओबीसी के लिए 16 सीटें आरक्षित थीं, जबकि नए आरक्षण फार्मूले के तहत यह संख्या घटकर 6 सीटों तक सीमित हो सकती है. इसका सबसे अधिक प्रभाव ओबीसी वर्ग के संभावित उम्मीदवारों पर पड़ेगा.

* महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण
प्रस्तावित आरक्षण व्यवस्था के अनुसार कुल सीटों में 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी. संभावित रूप से सामान्य वर्ग में 15, अनुसूचित जाति में 6, अनुसूचित जनजाति में 6 तथा ओबीसी वर्ग में 3 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जा सकती हैं.

* आरक्षण चक्र फिर से शून्य से शुरू होगा
राज्य सरकार द्वारा आरक्षण नियमों में किए गए बदलावों के बाद आरक्षण चक्र को दोबारा शून्य से शुरू किया जाएगा. इसके चलते कई ऐसे वार्ड और गण, जहां पहले अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का आरक्षण नहीं था, वहां नई आरक्षण व्यवस्था को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा और असंतोष की स्थिति बनी हुई है. अब सभी की निगाहें 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जिससे महाराष्ट्र में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों की दिशा और समय-सीमा स्पष्ट होने की उम्मीद है.

 

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