परंपरा को कायम रखने नवाथे चौक पर बालगोपालों की होगी दहीहांडी

‘अमरावती मंडल’ की खबर साबित हुई पूरी तरह से सही, युवा स्वाभिमान की भव्य-दिव्य दहीहांडी रद्द

* पार्टी प्रमुख व विधायक रवि राणा की पत्रवार्ता में घोषणा
* ‘डफरीन’ त्रासदी के चलते लिया गया निर्णय
* दो दिन पहले ही पार्टी की बैठक में हुई थी चर्चा
* नवाथे चौक पर होंगे विभिन्न सामाजिक उपक्रम
* रक्तदान शिविर व आरोग्य शिविर जैसे उपक्रमों का होगा आयोजनन
* दहीहांडी रद्द होने से कोई भी सेलिब्रिटी अमरावती नहीं आएंगे
* दहीहांडी के खर्च के पैसों से डफरीन अस्पताल में मृत बच्चों के परिवारों को दी जाएगी 2-2 लाख रूपये की आर्थिक मदद
* विभिन्न सामाजिक उपक्रमों पर खर्च किए जाएंगे 50 लाख रूपये
* भाजपा नेत्री नवनीत राणा के पत्र को युवा स्वाभिमानी ने दिया पूरा मान-सम्मान
अमरावती/दि.2 – डफरीन जिला महिला अस्पताल के नवजात शिशु अतिदक्षता विभाग में हुई दर्दनाक अग्निकांड की त्रासदी को देखते हुए युवा स्वाभिमान पार्टी ने इस वर्ष होने वाली अपनी भव्य विदर्भस्तरीय दहीहंडी रद्द करने का निर्णय लिया है. जिसकी घोषणा पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष एवं विधायक रवि राणा ने बुधवार को शंकर नगर स्थित युवा स्वाभिमान पार्टी के जनसंपर्क कार्यालय में आयोजित पत्रवार्ता में की. यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, युवा स्वाभिमान पार्टी द्वारा इस वर्ष दहीहांडी के आयोजन को रद्द किया जा सकता है. इससे संबंधित खबर दैनिक अमरावती मंडल द्वारा दो दिन पहले ही प्रकाशित की गई. जो आज विधायक रवि राणा द्वारा पत्रवार्ता में की गई घोषणा के बाद पूरी तरह से सही साबित हुई. हालांकि विदर्भस्तरीय भव्य-दिव्य दहीहांडी के आयोजन को रद्द करने की घोषणा करने के साथ ही विधायक रवि राणा ने कहा कि, नवाथे चौक पर दहीहांडी के आयोजन की परंपरा को प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी बरकरार रखा जाएगा. जिसके तहत 6 सितंबर को नवाथे चौक पर बालगोपालों की दहीहांडी आयोजित की जाएगी. साथ ही नवाथे चौक पर स्वास्थ्य जांच शिविर व रक्तदान शिविर जैसे सामाजिक उपक्रमों का आयोजन करते हुए दहीहांडी पर खर्च होनेवाली रक्कम में से 50 लाख रूपये की राशि सामाजिक कार्यों के लिए उपलब्ध करायी जाएगी. साथ ही साथ डफरीन अस्पताल के अग्निकांड की भेंट चढे तीन नवजात बच्चों के परिजनों को 2-2 लाख रूपये की आर्थिक मदद उपलब्ध कराते हुए अग्निकांड के समय अपनी जान को जोखिम में डालकर अन्य बच्चों की जान बचानेवाले मेडिकल स्टाफ को भी यथासंभव आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी.
बता दे कि, डफरीन हादसे की घटना के मद्देनजर भाजपा द्वारा 6 सितंबर को राजकमल चौराहे पर आयोजित होनेवाली दहीहांडी को स्थगित करने का निर्णय लिया गया था. चुंकि उसी दिन नवाथे चौक पर युवा स्वाभिमान पार्टी की ओर से भी दहीहांडी का आयोजन होना था. जिसे देखते हुए भाजपा नेत्री व पूर्व सांसद नवनीत राणा ने युवा स्वाभिमान पार्टी से नवाथे चौक पर आयोजित होनेवाली दहीहांडी को स्थगित करने का निवेदन किया था. जिस पर विचार-विमर्श करने हेतु विगत सोमवार 31 अगस्त को युवा स्वाभिमान पार्टी के सभी नेताओं व पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई थी. जिसमें लगभग सर्वसम्मती के साथ यह निर्णय लिया गया था कि, भाजपा नेत्री व पूर्व सांसद नवनीत राणा के निवेदन को स्वीकार करते हुए 6 सितंबर को आयोजित होनेवाली भव्य-दिव्य दहीहांडी के आयोजन को रद्द कर दिया गया. इस बैठक में यह तय किया गया कि, दहीहांडी के संदर्भ में अंतिम निर्णय 2 सितंबर को पार्टी के मुखिया व विधायक रवि राणा द्वारा पत्रवार्ता में घोषित किया जाएगा. हालांकि दैनिक अमरावती मंडल ने 31 अगस्त की शाम प्रकाशित अपने अंक में ही यह जानकारी प्रसारित कर दी थी कि, इस वर्ष नवाथे चौक पर युवा स्वाभिमान पार्टी की भव्य-दिव्य दहीहांडी का आयोजन नहीं होने जा रहा. दैनिक अमरावती मंडल द्वारा प्रकाशित खबर आज विधायक रवि राणा की ओर से बुलाई गई पत्रवार्ता एवं की गई घोषणा के साथ ही पूरी तरह से सही साबित हुई.
विधायक रवि राणा ने आज शंकरनगर परिसर स्थित अपने जनसंपर्क कार्यालय में बुलाई गई पत्रवार्ता में कहा कि, ऐसे समय में जब अमरावती के तीन परिवार अपने नवजात बच्चों को खोने के दर्द से गुजर रहे हैं, तब उत्सव की भव्यता से अधिक जरूरी पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना है. विधायक रवि राणा ने बताया कि युवा स्वाभिमान पार्टी की ओर से रविवार, 6 सितंबर को नवाथे चौक में भव्य विदर्भस्तरीय दहीहंडी आयोजित की जाने वाली थी. इसमें फिल्मी कलाकारों की प्रस्तुतियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा पारंपरिक आयोजन प्रस्तावित थे. इसी प्रकार परतवाड़ा, धारणी, अंजनगांव सुर्जी और तिवसा में भी दहीहंडी कार्यक्रम आयोजित किए जाने थे. लेकिन डफरीन अस्पताल में हुई नवजातों की मौत की घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया है. इस पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राजस्व मंत्री तथा अमरावती के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के साथ हुई चर्चा तथा पूर्व सांसद नवनीत रवि राणा के अनुरोध के बाद भव्य आयोजन रद्द करने का निर्णय लिया गया है.
इस पत्रवार्ता में विधायक रवि राणा ने स्पष्ट किया कि दहीहंडी की धार्मिक और पारंपरिक परंपरा को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जाएगा. रविवार, 6 सितंबर को सुबह 10 बजे नवाथे चौक में बाल गोपाल भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर अत्यंत सादगी से दहीहंडी फोड़ी जाएगी. इस दौरान किसी प्रकार का भव्य मंच, मनोरंजन अथवा बड़े पैमाने पर कार्यक्रम नहीं होगा. साथ ही राधा-कृष्ण वेशभूषा एवं सजावट प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा. विधायक राणा ने कहा कि इस बार दहीहंडी का स्वरूप उत्सव से अधिक संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का होगा. दहीहंडी पर होने वाले खर्च की राशि में से 50 लाख रुपये सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित किया जाएगा. इस राशि का उपयोग जरूरतमंद विद्यार्थियों, दिव्यांगों, बेरोजगार युवक-युवतियों, महिलाओं, स्वास्थ्य सेवाओं तथा विभिन्न जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए किया जाएगा.
इसके साथ ही इस पत्रवार्ता के जरीए डफरीन अस्पताल अग्निकांड में जान गंवाने वाले तीन नवजातों के परिवारों को व्यक्तिगत रूप से सहायता देने की घोषणा भी की गई है. राणा दंपती मृत बच्चों के परिवारों के घर जाकर उन्हें 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देंगे. विधायक राणा ने कहा कि इन परिवारों के दुख की भरपाई कोई आर्थिक सहायता नहीं कर सकती, लेकिन संकट की इस घड़ी में उनके साथ खड़ा रहना समाज और जनप्रतिनिधियों का दायित्व है. इसके अलावा अस्पताल की घटना में घायल हुए बच्चों के परिवारों को आगे के उपचार के लिए 10-10 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी. इन परिवारों की महिलाओं को घर से रोजगार शुरू करने के लिए सिलाई मशीनें उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई है. अग्निकांड के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चों को बचाने में भूमिका निभाने वाली नर्सों, सुरक्षा रक्षकों और अन्य कर्मचारियों का विशेष सम्मान किया जाएगा तथा उन्हें आर्थिक सहायता भी दी जाएगी. बच्चों को बचाने में साहस दिखाने वाली महिलाओं को ‘वीरांगना’ के रूप में सम्मानित करने की बात भी विधायक राणा ने कही. विधायक राणा ने बताया कि पिछले कुछ समय में डफरीन अस्पताल में जन्मे ऐसे बच्चों के परिवारों की भी मदद की जाएगी, जो जन्म से दृष्टिहीन, दिव्यांग अथवा श्रवण बाधित हैं. जरूरत के अनुसार उन्हें उपचार तथा आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने डफरीन अस्पताल के संविदा कर्मचारियों के मुद्दे को भी उठाया. विधायक राणा ने कहा कि इन कर्मचारियों को स्थायी अथवा नियमित करने के लिए वे सरकार के स्तर पर प्रयास करेंगे.
युवा स्वाभिमान की ओर से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों को भी सहायता देने की घोषणा की गई है. किसान आत्महत्या से प्रभावित परिवारों तथा खेत मजदूरों के परिवारों को भी सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है. इस पत्रवार्ता में विधायक राणा ने बताया कि बेहद गरीब परिवारों को मकान निर्माण के लिए सहायता दी जाएगी. जिले के जरूरतमंद खिलाड़ियों को आर्थिक मदद, विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री, साइकिल और स्कूल फीस के लिए सहायता उपलब्ध कराने की योजना है. गांवों और शहरों के पुस्तकालयों तथा अध्ययन केंद्रों को शैक्षणिक एवं संदर्भ पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी. दिव्यांगों को आवश्यक उपकरण तथा श्रवण बाधित लोगों को श्रवण यंत्र उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई है. बेरोजगार युवाओं को हाथठेले और छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक सामग्री दी जाएगी. विधवा, निराधार तथा परित्यक्ता महिलाओं को सिलाई मशीन देकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा.
पत्रवार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष निलकंठराव कात्रे, मार्गदर्शक सुनील राणा, राष्ट्रीय सचिव जयंत वानखडे, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शैलेंद्र कस्तुरे, राष्ट्रीय सलाहकार प्रा. अजय गाडे, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एड. नंदेश अंबाडकर, मनपा के उपमहापौर सचिन भेेंडे, मनपा गट नेता नाना आमले, शिक्षा सभापति एड. प्रीती रेवणे, शहर सुधार उपसभापति सुमती ढोके, स्थायी समिती सदस्य प्रशांत वानखडे, दीपक सम्राट, प्रियंका पाटणे सहित मनपा के पार्षद व पार्टी पदाधिकारी बडी संख्या में उपस्थित थे.

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