राहुल गांधी पर एफआईआर का कांग्रेस ने किया तगडा विरोध
‘राहुलजी तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ है...’

* कलेक्ट्रेट पर निषेध आंदोलन
* हल्दवानी घटना में बीजेपी संघ कार्यकर्ताओं पर दर्ज करें केस
* डॉ. सुनील देशमुख, विलास इंगोले, मिलिंद चिमोटे, किशोर बोरकर के नेतृत्व में आंदोलन
अमरावती/दि.2 – शहर जिला कांग्रेस की ओर से अपने लीडर और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध उत्तराखंड में दर्ज किए गए एफआईआर का आज यहां जिलाधिकारी कार्यालय पर बडा मोर्चा निकालकर तगडा विरोध दर्ज कराया. जिलाधीश के नाम विस्तृत निवेदन सौंपा गया. जिसमें साफ कहा गया कि, हल्दवानी में कांग्रेस अध्यक्ष खडगे की सभा के बाद मैदान और मंच का कथित शुद्धीकरण किया गया था. जिसका विरोध राहुल गांधी ने किया. इसके कारण राहुल गांधी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है. जबकि इस मामले में बीजेपी और आरएसएस के कार्यकर्ताओं के विरुद्ध एफआईआर होनी चाहिए. आंदोलन का नेतृत्व डॉ. सुनील देशमुख, मनपा में नेता प्रतिपक्ष विलास इंगोले, पूर्व महापौर मिलिंद चिमोटे, प्रदेश महासचिव किशोर बोरकर आदि ने किया.
कांग्रेस ने अपने अध्यक्ष खडगे की सभा पश्चात गत 10 अगस्त को हल्दवानी में किए गए कथित शुद्धीकरण को देश के सामाजिक सामंजस्य, संवैधानिक मूल्य और सामाजिक न्याय सिद्धातों पर गंभीर सवाल पैदा होने का दावा किया. कांग्रेस का निवेदन में कहना रहा कि, प्रत्येक लोकशाही में अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है. इसलिए संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग कांग्रेस ने की. आज के आंदोलन में कांग्रेस के पोस्टर, बैनर्स ने सभी को अपनी ओर आकृष्ट किया. उसी प्रकार घोषणाएं ‘राहुल गांधी पर एफआईआर रद्द करें, हल्दवानी घटना के दोषियों पर एफआईआर करें’ और अन्य नारे शामिल थे. घोषणाओं से संपूर्ण परिसर गूंज उठा था. कांग्रेस नेताओं ने आरोप किया कि, सत्ता पक्ष हर तरीके से विरोधियों की आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है. मगर कांग्रेस के कार्यकर्ता पीछे नहीं हटेंगे.
आंदोलन में प्रदेश महासचिव किशोर बोरकर, प्रदेश सचिव हाजी नजीर खान, संजय वाघ, विनोद मोदी, सलिम मीरावाले, महिला काँग्रेस अध्यक्षा जयश्री वानखडे, डॉ. अर्चना आत्राम, राजश्री जढाले, सुजाता झाडे, वंदना थोरात, मैथिली पाटील, जयश्री मरापे, शिल्पा राऊत, कीर्तिमाला चौधरी, किरण चांदवडकर, कांचन खोडके, अशोक डोंगरे, मुन्ना राठोड, अभिनंदन पेंढारी, आसिफ तवक्कल, नजीर खान बीके, वैभव देशमुख, नीलेश गुहे, विजय वानखडे, अविनाश पांडे, विजय देशमुख, सतीश गवई, बीटी अंबोरे, नितीन काले, समीर जावंजाल, संकेत कुलट, वैभव देशमुख, स्वराज पोटे, आशिष यादव, मोहम्मद उमेर, शेख अफजल उर्फ चौधरी, भैय्यासाहेब निचल, अब्दुल रफीक पत्रकार, सादिक शाह, गुड्डू हमीद, शेख हुसेन बगदादि, जावेद साबीर, विठ्ठल मरापे, अरुण बनारसे, प्रकाश खडसे, राजाभाऊ हाडोले, सोमेश्वर गोड, राजू बेले, प्रभाकर वालसे, शेखर गुगलमाणे, रवि ढोणे, गजानन जाधव, हिरामण गावंडे, जगदीशराव तायडे, प्रा. अनिल देशमुख, शफिक शेख, मोहम्मद निजाम, विकी वानखडे, प्रवीण नवरंगे, मंगेश ठाकरे, नसीम खान, विकास धोटे, गुड्डू हमीद, सुनील कांडलकर, सतीश काले, प्रमोद इंगोले, मनोहर चौधरी, नरेंद्र तायडे, विजय बर्वे, श्रीधर पुरोहित, सोमेश्वर गौड, रवींद्र ढोणे, मोहम्मद निजाम, मोहम्मद आमिर, डॉ. फिरोज खान, गोपाल धर्माले, प्रदीप अरबट, गजानन जाधव, सादिक शाह, अब्दुल रऊफ सहित सैकडों कार्यकर्ता शामिल हुए.





