501 खिलाड़ियों पर 700 करोड़ रुपये खर्च, मिले सिर्फ 85 पदक!
एशियाई खेलों में भारत के प्रदर्शन की समीक्षा करेगा खेल मंत्रालय

15 अक्तू. को खेल मंत्री मनसुख मांडविया की मौजूदगी में होगी बैठक
कमजोर प्रदर्शन के कारणों और सुधार के उपायों पर होगा मंथन
नई दिल्ली /दि. 14– एशियाई खेलों में भारत के निराशाजनक प्रदर्शन की समीक्षा के लिए केंद्रीय खेल मंत्रालय ने गुरुवार, 15 अक्तूबर को बैठक बुलाई है. खेल मंत्री मनसुख मांडविया की मौजूदगी में होने वाली इस बैठक में यह पता लगाने पर चर्चा होगी कि प्रदर्शन में गिरावट के कारण क्या रहे और भविष्य में इसे सुधारने के लिए कौन-से कदम उठाए जाने चाहिए.
खेल मंत्रालय के अनुसार, भारत ने एशियाई खेलों में 501 खिलाड़ियों का दल भेजा था. इन खिलाड़ियों की तैयारी और प्रशिक्षण पर पिछले तीन वर्षों में लगभग 700 करोड़ रुपये खर्च किए गए. इसके बावजूद भारतीय दल को कुल 85 पदक ही मिले, जिनमें 21 स्वर्ण पदक शामिल हैं. इससे पहले हांगझोऊ में आयोजित एशियाई खेलों में भारत ने 106 पदक जीतकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था. इस बार पदकों की संख्या में आई गिरावट ने खेल जगत में समीक्षा की जरूरत को रेखांकित किया है.
* अंतिम दो दिनों में मिले 11 स्वर्ण पदक
भारत के कुल 21 स्वर्ण पदकों में से 11 पदक अंतिम दो दिनों में आए. तीरंदाजों, पुरुष और महिला हॉकी टीमों, मुक्केबाजों तथा महिला गोल्फ खिलाड़ी के प्रदर्शन ने अंतिम चरण में भारत की पदक तालिका को मजबूती दी. हालांकि, कई अन्य प्रमुख खेलों में अनुभवी खिलाड़ियों से अपेक्षित प्रदर्शन नहीं मिल सका.
* बैडमिंटन, निशानेबाजी और एथलेटिक्स पर नजर
बैठक में बैडमिंटन, निशानेबाजी और एथलेटिक्स जैसे खेलों में अनुभवी खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन पर विशेष चर्चा होने की संभावना है. बैडमिंटन में भारत को केवल पुरुष टीम के कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा. निशानेबाजी में पिस्तौल वर्ग का प्रदर्शन कमजोर रहा और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर भी पदक हासिल नहीं कर सकीं. पुरुष युगल बैडमिंटन में गत विजेता सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी शुरुआती दौर में ही बाहर हो गई. अनुभवी खिलाड़ी पी. वी. सिंधु को भी शुरुआती दौर में हार का सामना करना पड़ा.
एथलेटिक्स में भी भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. पिछली स्पर्धा में जहां भारतीय खिलाड़ियों ने छह स्वर्ण पदक जीते थे, वहीं इस बार यह संख्या घटकर केवल एक रह गई.
* प्रदर्शन में गिरावट के कारणों की होगी पड़ताल
खेल मंत्रालय की बैठक में खिलाड़ियों की तैयारी, प्रशिक्षण व्यवस्था और विभिन्न खेलों में प्रदर्शन से जुड़े पहलुओं की समीक्षा किए जाने की उम्मीद है. लगभग 700 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी पिछले एशियाई खेलों की तुलना में पदकों की संख्या घटने से यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है. बैठक में सामने आने वाले निष्कर्षों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जा सकती है.





