अमरावती के भूमिगत सीवरेज नेटवर्क के लिए 3000 करोड़ की मेगा योजना

विधायक रवि राणा ने किया दावा, विश्व बैंक के सहयोग से होगा शहर का कायाकल्प

* परियोजना प्रबंधन सलाहकार नियुक्ति के लिए 140.72 करोड़ के प्रस्ताव पर शासन स्तर पर तेज हुई प्रक्रिया
अमरावती/दि.28- अमरावती शहर की वर्षों पुरानी और अधूरी मल-निस्सारण व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने के लिए 3000 करोड़ की महत्वाकांक्षी भूमिगत सीवरेज (अंडरग्राउंड सीवर) योजना तैयार की गई है. इस मेगा प्रोजेक्ट को विश्व बैंक के आर्थिक सहयोग से साकार करने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है. विधानसभा आश्वासन समिति के अध्यक्ष तथा बडनेरा के विधायक रवि राणा ने यह जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के सहयोग से इस परियोजना को मंजूरी दिलाने के लिए राज्य और केंद्र स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.
बता दे कि, शहर के तेजी से बढ़ते विस्तार और बढ़ती आबादी को देखते हुए वर्तमान मल-निस्सारण व्यवस्था पर भारी दबाव है. कई क्षेत्रों में अब भी भूमिगत सीवरेज नेटवर्क नहीं पहुंच पाया है, जिसके कारण नागरिकों को जलभराव, गंदगी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इसी पृष्ठभूमि में अमरावती महानगरपालिका क्षेत्र के लिए व्यापक सीवरेज मास्टर प्लान तैयार किया गया है.
* परियोजना प्रबंधन सलाहकार की नियुक्ति का प्रस्ताव
इस महापरियोजना के प्रभावी नियोजन, तकनीकी निगरानी और क्रियान्वयन के लिए परियोजना प्रबंधन सलाहकार (पीएमसी) नियुक्त किया जाएगा. इसके लिए 140.72 करोड़ की अनुमानित लागत का प्रस्ताव तैयार किया गया है. बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव को लेकर शासन स्तर पर सकारात्मक हलचल शुरू हो चुकी है. विधायक रवि राणा ने 22 अप्रैल 2026 को राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर पीएमसी नियुक्ति हेतु आवश्यक निधि मंजूर करने की मांग की थी. उन्होंने पत्र में उल्लेख किया था कि अमरावती की मल-निस्सारण व्यवस्था को आधुनिक, सक्षम और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए यह कदम अत्यंत आवश्यक है.
* नगर विकास विभाग को भेजी गई फाइल
सूत्रों के अनुसार शासन ने इस प्रस्ताव पर प्राथमिक स्तर पर विचार करने के बाद 23 जुलाई 2026 को संबंधित फाइल नगर विकास विभाग को भेज दी है. चूंकि यह विषय नगर विकास विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए अब आगे की प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी की प्रक्रिया वहीं से पूरी की जाएगी. फाइल नगर विकास विभाग तक पहुंचने के बाद परियोजना को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं. यदि प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो यह अमरावती के इतिहास की सबसे बड़ी शहरी अधोसंरचना परियोजनाओं में से एक साबित होगी.
* शहर के विकास को मिलेगी नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि परियोजना के पूरा होने के बाद शहर में जलनिकासी और मल-निस्सारण व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन आएगा. इससे न केवल स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि भूजल और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा. शहर के नए विकसित हो रहे क्षेत्रों को भी आधुनिक सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा. तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच अमरावती को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. नगर नियोजन विशेषज्ञों के अनुसार यदि यह योजना समयबद्ध तरीके से लागू होती है, तो अमरावती की बुनियादी सुविधाओं में बड़ा सुधार दिखाई देगा. अब शहरवासियों की निगाहें राज्य सरकार की अंतिम मंजूरी पर टिकी हैं. यदि प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, तो आने वाले वर्षों में अमरावती की सीवरेज व्यवस्था में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है.


* शहर का कायापलट करने वाली योजना
यह परियोजना अमरावती के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के मार्गदर्शन में इस 3000 करोड़ की योजना को जल्द मंजूरी दिलाई जाएगी. प्रशासनिक स्तर पर फाइल नगर विकास विभाग तक पहुंच चुकी है और जल्द ही परियोजना प्रबंधन सलाहकार की नियुक्ति के लिए आवश्यक निधि स्वीकृत कराई जाएगी. यह योजना अमरावती के बुनियादी ढांचे को नई पहचान देने के साथ-साथ शहर के दीर्घकालिक विकास का आधार बनेगी.
विधायक रवि राणा
अध्यक्ष, विधान मंडल आश्वासन समिती

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