माताओं से किडनी दान से 37 बच्चों को मिला पुनर्जन्म

मातृत्व और ममत्व ने बचाई अपने बच्चों की जिंदगी

अमरावती/दि.13– मां केवल एक रिश्ते का नाम नहीं हैं बल्कि वह जीवन जीने की प्रेरणा भी हैं. बच्चे की प्रत्येक सफलता के पीछे खडी रहनेवाली शांत ताकत का नाम मां हैं. जो अपने बच्चों के लिए हर तरह का खतरा उठाने के साथ-साथ समय और जरूरत पडने पर अपनी जान पर खेल जाने के लिए भी तैयार रहती हैं. विगत रविवार 10 मई को मातृत्व दिवस के निमित्त ऐसी ही एक असल कहानी सामने आई. जब एक मां ने अपने द्बारा जन्म दिए गए बच्चे को अपनी किडनी दान करते हुए एक तरह से पुनर्जन्म भी दिया. इसके साथ ही विगत 9 वर्षों के दौरान सुपर स्पेशालिटी अस्पताल में 37 माताओं द्बारा अपने बच्चों को अपनी किडनी दान करते हुए जीवनदान देनेवाली कहानियों की यादे भी ताजा हो गई. जिन कहानियों में 37 माताओं ने अपनी प्रत्यक्ष कृति से अपने मातृत्व के सर्वोच्च अर्थ को साकार किया.
बता दें कि स्थानीय सुपर स्पेशालिटी अस्पताल में विगत 9-10 वर्षों से किडनी प्रत्यारोपन की कई सफल शल्यक्रिया की गई हैं. जिनमें 37 मामले ऐसे रहे जब मां ने अपने बेटे या बेटी को अपनी किडनी दान करते हुए एक तरह से जीवनदान अथवा पुनर्जन्म दिया हो. इन शल्यक्रियाओं की सफलता के पीछे निश्चित तौर पर वैद्यकिय कौशल्य भी रहा. लेकिन इससे भी बडी बात मां के मन की मजबुती और प्रेम को कहा जा सकता हैं. जब किसी बेटे या बेटी के शरीर में गंभीर बिमारी द्बारा घर कर लिया गया और परिवार में डर का वातावरण बना, ऐसे समय डायलीसीस की थका देनेवाली यात्रा और अनिश्चित भविष्य में मां ने ही अपने बच्चों को एक मजबुत आधार दिया. शल्यक्रिया का खतरा स्विकार कर अपने शरीर का एक अंदरूनी अंग देने का निर्णय लेना कभी भी आसान नहीं रहता. लेकिन 37 माताओं ने अपने बच्चों के लिए यह निर्णय बेहद हस्ते खेलते ले लिया. क्योंकि किसी भी मां के लिए अपने बच्चे का जीवन ही सबकुछ होता हैं.

* छाया सोलंकी से हुई थी शुरूआत
विभागीय संदर्भ सेवा अस्पताल में किडनी प्रत्यारोपण शल्यक्रिया की शुरूआत 4 अप्रैल 2018 को हुई थी. वहीं छाया सोलंकी नामक महिला ने 9 जून 2018 को अपनी किडनी अपने बेटे शुभम सोलंकी के लिए दान की थी. यह अमरावती में किसी मां द्बारा अपने बच्चे को किडनी दान करने का पहला मामला था. जिसके बाद से लेकर अब तक 37 माताओं द्बारा अपने बेटे या बेटी को अपनी किडनी दान की गई हैं.

* सन 2018 से सुपर स्पेशालिटी अस्पताल में किडनी प्रत्यारोपण की शल्यक्रिया हो रही है और 27 मार्च 2026 तक किडनी प्रत्यारोपण की 70 शल्यक्रियाएं हो चुकी हैं. जिसमें सर्वाधिक 37 माताओं द्बारा अपने बेटे या बेटी के लिए अपनी किडनी दान की गई हैं.
-डॉ. अमोल नरोटे,
वैद्यकिय अधीक्षक,
सुपर स्पेशालिटी अस्पताल

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