48 घंटे की बारिश ने अमरावती में मचाई तबाही
2 लोगों की मौत, 41 पशु बहे, 65 मकान जमींदोज

* किसानों पर भी टूटा संकट, बुआई से पहले ही फसलों पर मंडराया खतरा
अमरावती/दि.2- जिले में 29 और 30 जून को हुई लगातार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. दो दिनों तक जारी वर्षा और कई स्थानों पर आई बाढ़ जैसी परिस्थितियों ने मानव जीवन, पशुधन, आवास और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचाया है. जिला प्रशासन की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार इन 48 घंटों के दौरान जिले में औसतन 18.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई. हालांकि किसी भी मंडल में 100 मिमी से अधिक वर्षा नहीं हुई, फिर भी कुछ क्षेत्रों में नदी-नालों के उफान पर आने से गंभीर हालात उत्पन्न हो गए. सबसे अधिक नुकसान चांदूर बाजार तहसील में सामने आया है. यहां बाढ़ के तेज बहाव में बह जाने से दो लोगों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान पोहरी निवासी रविंद्र रामभाऊ आवारे (53) तथा पांढरी निवासी गोपाल बाबूराव निंबारे (40) के रूप में हुई है. दोनों की मौत से संबंधित गांवों में शोक का माहौल है. जिला प्रशासन ने घटनाओं की पुष्टि करते हुए मृतकों के परिजनों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस बीच गोपाल निंबारे के संबंध में स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही. जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार मेघा नदी में आए उफान के कारण बाजी नाले में बहने वाले एक व्यक्ति की तलाश के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. आपदा प्रबंधन अधिकारी सुरेश रामेकर ने बताया कि बचाव दल नदी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार खोज अभियान चला रहा है.
* पशुधन को भारी नुकसान
बारिश और बाढ़ का असर पशुधन पर भी पड़ा है. प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार चांदूर बाजार क्षेत्र के एक गांव में बाढ़ के पानी के तेज बहाव में बह जाने से कुल 41 पशुओं की मौत हो गई. इनमें 20 बकरियां, 20 मुर्गियां तथा एक गाय शामिल है. ग्रामीणों के अनुसार अचानक बढ़े पानी के कारण पशुओं को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का मौका नहीं मिल सका. पशुपालकों को हुए इस नुकसान से ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है.
* 65 मकान पूरी तरह ध्वस्त
लगातार बारिश के कारण कई गांवों में कच्चे और जर्जर मकानों को भारी क्षति पहुंची है. जिला प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक जिले के तीन गांवों में कुल 70 संरचनाएं प्रभावित हुई हैं. इनमें 65 मकान पूरी तरह धराशायी हो गए, जबकि 5 पशु शेड (तबेले) भी क्षतिग्रस्त हुए हैं. प्रभावित परिवारों को अस्थायी राहत उपलब्ध कराई जा रही है तथा पंचनामे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. कई परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी. ग्रामीणों ने बताया कि रातभर हुई बारिश के कारण अनेक मकानों की दीवारें भरभराकर गिर गईं. सौभाग्य से अधिकांश स्थानों पर लोगों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे जनहानि का बड़ा खतरा टल गया.
* खेती पर भी बरपा कहर
बारिश का सबसे गंभीर प्रभाव कृषि क्षेत्र में दिखाई दे रहा है. चांदूर बाजार तहसील के लाखनवाड़ी गांव में लगभग एक हेक्टेयर क्षेत्र की फसल प्रभावित होने की जानकारी प्रशासन को मिली है. वहीं शिरजगांव कसबा क्षेत्र में 29 और 30 जून को 83 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिसके कारण खेतों की उपजाऊ मिट्टी बह गई. किसानों के अनुसार संतरा बागानों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा हाल ही में बोए गए कपास, तुअर और सोयाबीन के बीज भी पानी में खराब हो गए हैं. कई खेतों में बीज बह जाने अथवा सड़ जाने से किसानों को पुनः बुआई करनी पड़ सकती है. इससे उत्पादन लागत बढ़ने के साथ किसानों की आर्थिक चिंता भी बढ़ गई है.
* मानसून ने जिले में दिखाई अच्छी सक्रियता
जहां एक ओर बारिश ने नुकसान पहुंचाया है, वहीं जिले में मानसून की स्थिति सामान्य से बेहतर बनी हुई है. 30 जून 2026 तक अमरावती जिले में सामान्य 145.7 मिमी वर्षा के मुकाबले 140.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य वर्षा का 96.3 प्रतिशत है. पिछले वर्ष इसी अवधि तक जिले में केवल 121.4 मिमी वर्षा हुई थी. इस प्रकार इस वर्ष अब तक पिछले वर्ष की तुलना में 18.9 मिमी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है.
* चांदूर बाजार बना सबसे अधिक वर्षा वाला क्षेत्र
तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार चांदूर बाजार तहसील में सर्वाधिक 163.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य वर्षा का 146.1 प्रतिशत है. यह जिले की सबसे अधिक वर्षा प्राप्त करने वाली तहसील बन गई है. वहीं भातकुली तहसील में केवल 83.4 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य का मात्र 61.9 प्रतिशत है और जिले में सबसे कम वर्षा वाला क्षेत्र रहा. इसके अलावा मोर्शी में 195.7 मिमी, नांदगांव खंडेश्वर में 188 मिमी, अंजनगांव सुर्जी में 140.1 मिमी तथा दर्यापुर में 135.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो संबंधित क्षेत्रों के सामान्य औसत से अधिक है. दूसरी ओर चिखलदरा, धामनगांव रेलवे, अचलपुर और अमरावती तहसीलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है.
* प्रशासन अलर्ट मोड पर
बारिश से हुए नुकसान को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं. राजस्व, आपदा प्रबंधन तथा स्थानीय प्रशासन की टीमें नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं. प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने तथा किसानों के नुकसान का सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचें, मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन से संपर्क करें. आगामी दिनों में भी बारिश की संभावना को देखते हुए पूरे जिले में सतर्कता बरती जा रही है.





