बालाजी नगर का 50 वर्ष पुराना मंदिर
देवताओं की मूर्ति की विडंबना से खलबली

* पूर्व पार्षद मुन्ना राठोड ने की पुलिस से शिकायत, श्रद्धालुओं में रोष
अमरावती /दि.16- बालाजी नगर के 50 वर्ष पुराने विठ्ठल-रुख्माई और हनुमान जी के मंदिर में भगवान की मूर्तियों की अज्ञात लोगों द्वारा विडंबना किए जाने से सनसनी मची है. भक्तों में काफी रोष देखा जा रहा है. भक्तों ने संबंधित लोगों पर तत्काल और कडी कार्रवाई किए जाने की मांग की है. इस संबंध में आज पूर्व नगरसेवक मुन्ना उर्फ महेंद्र राठोड ने मनपा आयुक्त से भी शिकायत की है. उन्होंने निवेदन में दावा किया कि, मूर्तियां खंडित किए जाने से तीव्र असंतोष का वातावरण बना है. जिससे कानून और व्यवस्था की समस्या हो सकती है.
बालाजी नगर का उक्त मंदिर शंकर नगर-बापू कॉलोनी मार्ग पर स्थित होने की जानकारी देते हुए शिकायत में कहा गया कि, वहां 50 वर्ष पुराना मंदिर है. इसी प्लॉट में एक कुआं भी है. यह भूखंड क्रमांक 54 मौजे राजापेठ प्लॉट के मूल मालक देवकाबाई कदम का होने का उल्लेख शिकायत में किया गया है. वहां 40-50 वर्षों से विठ्ठल-रुख्माई और हनुमान जी का मंदिर स्थित है. कुएं पर स्लैब डालकर उसे बंद करने का प्रयत्न किया गया था. जबकि जलसंकट के दिनों में क्षेत्र के नागरिकों के लिए यह कुआं काफी राहत देता है.
शिकायत के अनुसार मंदिर में दैनंदिन पूजा होने के साथ दर्शन के लिए भाविकों की भीड रहती. आषाढी एकादशी का उत्सव भी बडे प्रमाण में किया जाता था. हजारों भाविकों की भीड यहां रहती. हनुमान जयंती पर भी महाप्रसाद के कार्यक्रम के साथ कीर्तन-भजन यहां रहते. किंतु शिकायत के अनुसार मालमत्ता धारक और बिल्डर ने इस भूखंड पर मंदिर स्थानांतरित करने का प्रयत्न शुरु किया है. ऐतिहासिक कुआं भी बंद करने का प्रयास हो रहा है. शिकायत और आरोप किया गया है कि, बिल्डर के कृत्य से परिसर के लोगों में खास कर महिला भाविकों में गुस्सा है. मनपा आयुक्त को निवेदन देकर उक्त भूखंड पर कोई भी निवासी या वाणिज्य निर्माण की अनुमति न देने की विनती मुन्ना राठोड ने की है.





