दिव्यांगों का अनुदान दोबारा शुरु
30 सितंबर तक बना लें पहचान पत्र

मुंबई/दि.16 – राज्य के दिव्यांगों को फडणवीस सरकार ने बड़ा दिलासा दिया है. वैश्विक पहचान पत्र नहीं होने वाले दिव्यांग लाभार्थियों का अनुदान अब बंद नहीं होगा. यदि अनुदान बंद हो गया है तो वह फिर से शुरू किया जाएगा. इसके लिए लाभार्थियों को वैश्विक पहचान पत्र बनवाने हेतु 30 सितंबर 2026 तक की मुदतवृद्धि देने का निर्णय दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग के मंत्री अतूल सावे ने लिया है. इस अवधि में उनका अनुदान जारी रखने के निर्देश मंत्री सावे ने दिए हैं. इससे दिव्यांगों को राज्य शासन की विशेष सहायता अनुदान योजनाओं के अंतर्गत लाभ मिल सकेगा.
* पहचान पत्र कार्ड के लिए मुदतवृद्धि
पहचान कार्ड अनिवार्य किए जाने के कारण कई लाभार्थियों का अनुदान बंद हो गया था. इस पृष्ठभूमि में सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 1 अप्रैल 2026 से पहले इन योजनाओं का लाभ लेने वाले दिव्यांगों को मुदतवृद्धि दी है. संबंधित तहसीलदारों को पुराने वैद्यकीय प्रमाणपत्र वाले लाभार्थियों को 30 सितंबर 2026 तक वैश्विक पहचान पत्र कार्ड दिलाने के लिए आवश्यक समन्वय करने के निर्देश मंत्री सावे ने दिए हैं.
* सामाजिक योजनाओं का अनुदान क्यों बंद हुआ था?
सामाजिक न्याय व विशेष सहायता विभाग द्वारा संजय गांधी निराधार अनुदान योजना, श्रावणबाल सेवा राज्य निवृत्तीवेतन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धापकाल निवृत्तीवेतन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा निवृत्तीवेतन योजना और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय अपंग निवृत्तीवेतन योजना चलाई जाती हैं. इनमें दिव्यांग लाभार्थी शामिल हैं. सरकार ने यूडीआईडी कार्ड अनिवार्य किया है. जिनके पास यह कार्ड नहीं था, उन दिव्यांगों का अनुदान बंद हो गया. अब 1 अप्रैल 2026 से पहले इन योजनाओं का लाभ लेने वाले दिव्यांगों को मुदतवृद्धि दी गई है. संबंधित तहसीलदारों को पुराने वैद्यकीय प्रमाणपत्र वाले लाभार्थियों को 30 सितंबर 2026 तक वैश्विक पहचान पत्र कार्ड दिलाने के लिए आवश्यक समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं.





