48-29-23 तथा 60-40-40 पद वितरण हेतु महायुति का फार्मुला

कार्रवाई शुरू, अब हर हफ्ते होगी समीक्षा

मुंबई/दि.23- महायुति के तीन घटक दलों में महामंडलों सहित राज्यस्तर पर विभिन्न पदों के वितरण हेतु एक तथा जिला स्तरीय व तहसील स्तरीय समितियों के लिए दूसरा ऐसे दो अलग-अलग फार्मुले तय किए गए हैं.
जानकारी के मुताबिक महामंडलों व राज्य स्तरीय समितियो में भाजपा को 48फीसद, शिंदे को 29 फीसद तथा अजीत पवार गुट वाली राकांपा को 23 फीसद पद दिए जाएंगे. ऐसा निर्णय तीनों दलों की समन्वय समिति द्बारा तय किया गया हैं. वहीं जिला एवं तहसील स्तरीय समितियों में नियुक्ति को लेकर फार्मुला तय किया गया है कि जिस जिले में जिस पार्टी के पालकमंत्री रहेंगे. उस पार्टी को उस जिले की जिला एवं तहसील समितियों में 60 फीसद पद दिए जाएंगे. वही शेष दो मित्र दलों को 20-20 फीसद पद मिलेंगे. इसके अलावा करीब 1 लाख विशेष कार्यकारी दंडाधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे.
इस कार्य हेतु गठित समन्वय समिति ने भाजपा की ओर से चंद्रशेखर बावनकुले व गिरीष महाजन शिंदे सेना की ओर से उदय सामंत व दादा भुसे तथा अजीत पवार गुटवाली राकांपा की ओर से छगन भुजबल व हसन मुश्रीफ इन मंत्रियों को बतौर सदस्य शामिल किया गया है. समिति की बैठक विगत मंगलवार की देर रात बुलाई गई थी. जिसमें यह तय किया गया कि अब प्रत्येक 8 दिनों के अंतराल पर समिति की बैठक बुलाई जाएगी.

* जिप चुनाव से पहले ही होगी नियुक्तियां
उल्लेखनीय है कि राज्य की 20 जिला परिषदों के चुनाव आगामी अक्तुबर माह में होने की संभावना हैं. परंतु चुनाव होने की प्रतिक्षा किए बिना तुरंत ही नियुक्तियां करने का निर्णय लिया गया. आगामी लोकसभा चुनाव होने में अभी 3 से सव्वा 3 वर्ष का समय शेष हैं. ऐसे में यदि अभी नियुक्ति करते हुए कार्यकर्ताओं को पद दिए जाते है तो उन्हें काम करने हेतु पर्याप्त समय मिलेगा, ऐसा विचार करते हुए नियुक्तियों के काम गति देने का विचार किया गया है.
जानकारी के मुताबिक किस पार्टी को किस महामंडल में अध्यक्ष पद व संचालक पद मिलना अपेक्षित है. इससे संबंधित सूची आगामी 8 से 10 दिनों में तैयार की जाएगी. जिसके बाद समन्वय समिति की बैठक में अंतिम सूची तैयार की जाएगी.

* महायुति को सत्ता में आए हो चुका डेढ वर्ष
राज्य की सत्ताधारी महायुति सरकार दिसंबर 2024 में अस्तित्व में आई थी. लेकिन तब से लेकर अब तक महामंडलो के अध्यक्ष व संचालक पदों सहित विविध सरकारी समितियों पर नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं. परंतु अब इस काम को गति दी जा रही हैं. तथा आगामी एक-डेढ माह के भीतर अधिकांश पदो पर नियुक्तियां करने का लक्ष्य समन्वय समिति द्बारा तैयार किया गया है.

* नए सिरे से होगी सभी नियुक्तियां
कुछ महामंडलों व समितियों पर तीनों पार्टीयों के कुछ नेताओं को इससे पहले भी अवसर देते हुए नियुक्त किया गया हैं. जिसे लेकर सूत्रों ने बताया कि उन सभी के इस्तिफे लेते हुए सभी नियुक्तियां नए सिरे से करने की बात तय की गई हैं. जिसमें एक-दो नियुक्तियों को अपवाद के तौर पर छोडा जा सकता है. साथ ही यह भी पता चला है कि विधान परिषद में मौका नहीं मिलनेवाले कुछ नेताओं के महामंडलों में अध्यक्ष पद दिया जा सकता हैं.

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