कुत्ते को बचाने से युवराज परतानी कुएं में उतरे

दमकल ने तत्परता से बचाई दोनों की जान

* विद्यापीठ परिसर की पूर्वान्ह 10 बजे की घटना
अमरावती/दि.29 – अपने कुत्ते शुगर को बचाने की मशक्कत में शहर के प्रसिद्ध परतानी परिवार के सुपुत्र युवराज परतानी आज सुबह 10 बजे विद्यापीठ परिसर के कुएं में उतर गए थे. फिर वहां वे और कुत्ता दोनों ही अटक गए. ऐसे में दमकल को 10.50 को सूचना मिलते ही आनन-फानन में फायर मैन हर्षद दहातोंड, मोहम्मद फरहान ने 6 मिनट के अंदर मौके पर पहुंच युवराज परतानी एवं उनके देसी ब्रीड के श्वान शुगर को सही-सलामत कुएं से बाहर निकाला.
जानकारी के अनुसार प्रसिद्ध और युवा उद्यमी नीलेश परतानी के सुपुत्र युवराज अपने पालतू श्वान शुगर को घुमाने निकले. वे विद्यापीठ ट्रैक पर पहुंचे थे. वहां श्वान शुगर रस्सी छुडाकर भाग गया. शुगर अपनी मस्ती में ही परिसर के कुएं में गिर गया. इधर 25 वर्ष के युवराज अपने श्वान को न देख उसे खोजने लगे. करीब घंटाभर की खोजबीन के बाद उन्हें शुगर कुएं में गिरा दिखाई दिया.
युवराज ने कुएं की सीढियों से आहिस्ता-आहिस्ता नीचे उतरकर शुगर को बचाया. किंतु मजबूत रस्सी न होने से वे और शुगर कुएं में फंस गए थे. तब दमकल मुख्यालय को खबर की गई कि, कुएं में युवक गिरे हैं. आनन-फानन में 6 मिनट के भीतर केंद्र प्रमुख सोनकांबले केे मार्गदर्शन में हर्षद दहातोंडे, नीलेश काटपेलवार, प्रणित पेठे, मोहम्मद फरहान वाहन सहित विद्यापीठ परिसर पहुंचे. वाहन चालक मोहम्मद फरहान ने तेजी से वाहन चलाकर तत्परता का उदाहरण दिया. घटनास्थल पर दमकल ने बडे साहस और सूझबूझ से रस्सी सीढी के सहारे कुएं में उतरकर युवराज परतानी तथा श्वान शुगर को मिनटों में बाहर निकाला. दमकल की तत्परता से एक अनमोल जीवन बच जाने से सभी ने कर्मचारियों की बडी प्रशंसा की है.
उधर परतानी परिवार ने भी राहत की सांस ली. घर के जवान पुत्र युवराज के सुखरुप लौट आने से ओमप्रकाश परतानी और परिवार बडा प्रसन्न है. महारुद्र मारुती देवस्थान के ट्रस्टी परतानी ने इसे हनुमान जी की अनुकंपा निरुपित किया. बता दें कि, नीलेश परतानी कुशल वक्ता और उद्यमी होने के साथ लॉयन्स के निर्वाचित गवर्नर है. उनका ग्लास का बिझनेस युवा सुपुत्र युवराज अपनी माताजी के संग संचालित करते हैं.
* ओमप्रकाशजी पहुंचे दमकल कार्यालय
सुपौत्र युवराज के कुएं में गिर जाने की खबर से दादा ओमप्रकाश परतानी घबरा उठे. वे घर के नजदीक ही स्थित दमकल के कार्यालय पहुंचे और तुरंत विद्यापीठ पहुंचने की गुहार उन्होंने वहां मौजूद दमकल अधिकारी और कर्मियों से की. दमकल ने भी एक क्षण की भी देरी किए बगैर जो भी उपकरण, साधन हाथ लगे वह लेकर विद्यापीठ की ओर दौड लगाई.
* कुएं में गैस के कारण अचेत हो रहा था युवक
दमकल कर्मियों ने अमरावती मंडल से चर्चा में बताया कि, साहसी युवराज ने अपने प्रिय श्वान को कुएं से बाहर निकाल लिया था. किंतु वह स्वयं अच्छा तैराक होने से कुएं के करीब 20 फीट गहरे पानी में तैरता रहा. हालांकि कुएं में पाई जाती गैस के कारण वह कमजोरी और सांस लेने में दिक्कत महसूस कर रहा था. ऐसे में दमकल कर्मियों की तत्परता से ही युवराज परतानी के प्राण आज बचाए जा सके.
* 6 मिनट में 6 किमी दूर पहुंची दमकल
दादा ओमप्रकाश परतानी द्वारा स्वयं फायर ब्रिगेड कार्यालय आकर पौत्र युवराज के बारे में सूचना दिए जाने के बाद अधिकारी और कर्मियों ने बडी तत्परता, तेजी दिखाई. वाहन चालक मोहम्मद फरहान फर्राटे से वाहन दौडाया. मात्र 6 मिनट में दमकल 6 किमी दूर स्थित घटनास्थल पहुंची. बिना क्षण की भी देरी किए रस्सी का झूला कुएं में डाला गया. जिसकी सहायता से युवराज परतानी कुएं से बाहर निकाले गए. दमकल कर्मियों ने बडी सूझबूझ दिखाते हुए साबित कर दिया कि, वे केवल आग बुझाने के ही काम के नहीं, बल्कि संकट के समय किसी के प्राणों की रक्षा में भी आगे है. इसके लिए अपनी जान की परवाह किए बिना काम करतें हैं. बता दें कि, इन दिनों भीषण गर्मी का दौर चल रहा है. आए दिन कहीं न कहीं अग्निकांड की सूचनाएं मिलती रहती हैं. लाखों रुपए का सामान आग में खाक होने से दमकल ने बचाया है.

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