पंद्रह दिनों में 100 से अधिक हाथभट्टियों पर कार्रवाई
अवैध शराब निर्माण और बिक्री केंद्रों पर कडी कार्रवाई के आदेश

अमरावती /दि.15– पुणे में जहरीली शराब कांड में 16 लोगों की मौत के बाद राज्यभर में अवैध शराब की बिक्री और निर्माण केंद्रों पर कडी कार्रवाई के निर्देश दिए गए है. इसके तरह ग्रामीण पुलिस ने हाथभट्टी शराब के खिलाफ अभियान शुरू किया है. हालांकि जिन राज्य उत्पादन शुल्क विभाग के पास इस कार्रवाई की मुख्य जिम्मेदारी है, वह अब भी निष्क्रिय नजर आ रहा है.
दूसरी ओर पुणे और पिंपरी-चिंचवड में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद अमरावती ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम ने अधीनस्थ अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए. आदेश के अनुसार जिले के 31 पुलिस थानों की सीमा में पिछले 15 दिनों के दौरान 100 से अधिक हाथभट्टियां नष्ट की गई. चांदूर रेल्वे, वरूड, मोर्शी, शेंदुरजनाघाट सहीत स्थानीय अपराध शाखा ने प्रभावी कार्रवाई की. विशेष बात यह है कि चांदूर रेल्वे पुलिस थाना क्षेत्र में देशी हाथभट्टी की शराब पीने से तीन-चार लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए थे. छापेमारी के बाद यह मामला सामने आया था. ग्रामीण पुलिस ने मध्यप्रदेश सीमा के पास संचालित हो रही हाथभट्टियों को भी नष्ट किया. लेकिन इस दौरान राज्य उत्पादन शुल्क विभाग की कार्रवाई गिनती की ही रही.
* कहीं खेतों में, तो कहीं घरों में बन रही शराब
कई स्थानों पर खेतों में फसलों की आड में तो कुछ जगहों पर सीधे आवासीय मकानों में ही शराब तैयार की जा रही है.
* पुणे की घटना के बाद जिलेभर में कार्रवाई
पुणे की भयावह घटना के बाद जिला पुलिस प्रशासन और राज्य उत्पादन शुल्क विभाग अलर्ट मोड पर आ गए है.
* पंद्रह दिनों में तेज हुई कार्रवाई
सिर्फ 15 दिनों में 100 से अधिक स्थानों पर छापेमारी कर सख्त कार्रवाई की गई है.
* जहरीले रसायनों का इस्तेमाल
शराब का नशा अधिक बढाने के लिए शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक निभिन्न जहरीले रसायनों का उपयोग किया जा रहा है.
* मजदूर वर्ग में अधिक प्रचलन
हाथभट्टी की यह शराब बेहद सस्ती होने के कारण हमाल, निर्माण कार्य और अन्य मेहनत मजदूरी करने वाले श्रमिक वर्ग में इसका सेवन सबसे अधिक देखा जाता है.
* शिकायत कहां करें?
यदि कहीं भी अवैध शराब की बिक्री, परिवहन या हाथभट्टी संचालित होती दिखाई दे, तो नागरिक सीधे राज्य उत्पादन शुल्क विभाग अथवा स्थानीय पुलिस थाने से संपर्क कर इसकी शिकायत कर सकते है.





