लोनिवि की निविदा प्रक्रिया पर उठे सवाल

राज्य अभियंता संगठन ने मांगी जांच

अमरावती/दि.15- सार्वजनिक निर्माण विभाग में विकास कार्यों के आवंटन और निविदा प्रक्रिया को लेकर राज्य अभियंता संगठन ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है. संगठन का कहना है कि जिला नियोजन एवं विकास परिषद (डीपीडीसी) निधि से वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान कराए गए कुछ विकास कार्यों में निविदा प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए कार्यों का कृत्रिम विभाजन किया गया तथा अधिकांश कार्य सीमित संस्थाओं को दिए गए. इस संबंध में संगठन ने जिले के पालकमंत्री एवं राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
* शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप
राज्य अभियंता संगठन का आरोप है कि इस मामले से संबंधित शिकायतें और दस्तावेज कई बार संबंधित अधिकारियों को सौंपे गए, लेकिन अब तक किसी प्रकार की जांच या कार्रवाई शुरू नहीं की गई. संगठन ने सवाल उठाया है कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही क्यों तय नहीं की जा रही. संगठन के अनुसार यह मामला केवल प्रशासनिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक धन के उपयोग और शासन व्यवस्था की पारदर्शिता से भी जुड़ा हुआ है. इसलिए पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए.
* दोषियों पर कार्रवाई की मांग
संगठन ने मांग की है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. संगठन का कहना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और जनता के धन के उपयोग से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होना बेहद आवश्यक है.
* सात दिन का अल्टीमेटम
राज्य अभियंता संगठन ने प्रशासन को सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है. संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में जांच शुरू नहीं की गई और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो अमरावती स्थित लोनिवि कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन शुरू किया जाएगा. अब इस मामले में प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. वहीं संगठन की ओर से उठाए गए आरोपों को लेकर संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया का भी इंतजार किया जा रहा है.

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