राजकमल रेल्वे ओवरब्रिज जल्द बनेगा इतिहास
ध्वस्तीकरण का 90 प्रतिशत कार्य पूरा

अमरावती/दि.15 – शहर की पहचान और प्रमुख यातायात मार्गों में शामिल राजकमल रेलवे ओवरब्रिज अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है. पिछले चार महीनों से जारी ध्वस्तीकरण अभियान के तहत रेलवे ट्रैक के ऊपर स्थित पुल का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा हटाया जा चुका है. मुख्य लोहे के गर्डरों की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है और शेष कार्य भी अगले कुछ दिनों में पूरा होने की संभावना है.
रेल्वे प्रशासन ने यात्री ट्रेनों के संचालन को प्रभावित किए बिना चरणबद्ध तरीके से ध्वस्तीकरण कार्य किया. रेलवे ट्रैक के ऊपर होने वाले इस संवेदनशील कार्य में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया. रात के समय विशेष ब्लॉक लेकर भारी मशीनों और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से गर्डरों को काटने का काम किया गया. सुरक्षा संबंधी जटिलताओं के कारण इस प्रक्रिया को पूरा करने में लगभग चार माह का समय लगा.
* नए पुल की ओर टिकी नागरिकों की उम्मीदें
एक समय शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्गों में गिने जाने वाले राजकमल उड़ानपुल का सफर अब समाप्ति की ओर है. इसके साथ ही अमरावती शहर आधुनिक यातायात व्यवस्था के नए अध्याय की ओर बढ़ रहा है. नागरिकों को उम्मीद है कि प्रस्तावित नया पुल बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए आधुनिक मानकों के अनुरूप बनाया जाएगा और यातायात को अधिक सुगम बनाएगा.
* लोनिवि हटाएगा शेष हिस्सा
रेलवे क्षेत्र में ध्वस्तीकरण कार्य पूरा होने के बाद पुल के बाकी हिस्से को हटाने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के पास होगी. इसमें हमालपुरा से रेलवे स्टेशन चौक की ओर जाने वाला उतार मार्ग तथा राजकमल चौक से जयस्तंभ चौक की दिशा का हिस्सा शामिल है.
* आचार संहिता के बाद शुरू होगा अगला चरण
लोनिवि अधिकारियों के अनुसार विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण आगे की कार्रवाई फिलहाल सीमित है. आचार संहिता समाप्त होते ही शेष संरचना को हटाने का कार्य तेज गति से शुरू किया जाएगा. इन हिस्सों के हटते ही पुराने राजकमल रेलवे ओवरब्रिज का अस्तित्व पूरी तरह समाप्त हो जाएगा और नए पुल के निर्माण की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.





